नई दिल्‍ली/ हैदराबाद: करप्‍शन के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ने वाले एक दिग्‍गज आईपीएस वीवी लक्ष्‍मी नारायण ने सीबीआई के ज्‍वाइंट डायरेक्‍टर की नौकरी छोड़ने के लिए पिछले साल ही स्‍वैच्‍छिक सेवा निवृत्‍त‍ि के लिए अप्‍लाई कर दिया था. तभी से कयास लगाए जा रहे कि वह जल्‍द ही किसी बड़े राजनीतिक दल में शामिल हो सकते हैं. एक बार आरएएस के कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को लेकर फोटो भी वायरल हुआ था और अफवाहें भी उड़ी थीं कि वह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वहीं, आम लोकसभा चुनाव की घोषणा के चंद दिन बाद ही उन्‍होंने एक तेलंगाना और आंध्रप्रदेश की एक नई पार्टी जन सेना में शामिल हो गए. पार्टी अध्‍यक्ष्‍ा व पूर्व एक्‍टर पवन कल्‍याण ने रविवार को सीबीआई के पूर्व संयुक्‍त निदेशक लक्ष्‍मी नारायण का स्‍वागत करते हुए उन्‍हें पार्टी के सदस्‍य के तौर पर शामिल कराया .

कौन हैं लक्ष्‍मी नारायण
वीवी लक्ष्‍मी नारायण एक इंजीनियर पिता के बेटे थे. उनका जन्‍म 3 अप्रैल 1965 को आंध्र प्रदेश के श्रीसेलम में हुआ था. उन्‍होंने वारंगल के रीजन‍ल इंजीनियरिंग कॉलेज से बीई किया था और आईआईटी मद्रास से एमटेक किया था. उनका सपना एक आईपीएस अफसर बनना था और 1990 बैच के इस आईपीएस अफसर को महाराष्‍ट्र कैडर मिला. एक पुलिस अधिकारी के तौर पर शुरुआत से ही लक्ष्‍मी नारायण ने भ्रष्‍टाचार के खिलाफ अपना मिशन शुरू कर दिया था. एक ओर वह भ्रष्‍टाचार के खिलाफ शख्‍त आईपीएस अफसर थे वहीं, आम लोगों के लिए बेहद आत्‍मीय भाव से मिलने वाले पुलिस अफसर. वह गहरे सामाजिक सरोकारों के प्रति लगाव के लिए भी जाने जाते थे. लक्ष्‍मी नारायण नांदेड़ में 1998-99 के दौरान एसपी रहे. उन्‍होंने महाराष्‍ट्र के आतंकवादी विरोधी स्‍क्‍वैड में भी बड़ी जिम्‍मेदारी निभाई थी.

वाई श्रेणी का सुरक्षा घेरा मिला था
वीवी लक्ष्‍मी नारायण महाराष्‍ट्र में आईजी रहते मुंबई में हाई प्रोफाइल करप्‍शन के मामलों को डील‍ किया था. उन्‍हें इस तरह के जोखिम भरे दायित्‍व के चलते वाई कैटेगरी की सुरक्षा कवच दिया गया था. इसमें 11 सुरक्षाकर्मचारियों और अधिकारियों का स्‍टॉफ उन्‍हें सुरक्षा घेरे में रखता था.

20 से ज्‍यादा हाईप्रोफाइल मामलों को हल किया
सीबीआई में ज्‍वाइंट डायरेक्‍टर होने पर लक्ष्‍मी नारायण ने लगभग 20 से ज्‍यादा हाई प्रोफाइल मामलों की जांच करके हल किया. इनमें से प्रमुख केस ये हैं
-जी जनार्दन रेड्डी द्वारा अवैध माइनिंग करने का मामला
– एमार प्रॉपर्टीज,
– सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर
– वाईएस जगन रेड्डी की संपत्‍त‍ि का केस
– सत्‍यम स्‍कैम

इन मामलों से आए थे चर्चाओं में
– आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम वायएसआर रेड्डी के बेटे के खिलाफ संपत्‍त‍ि की जांच और सत्‍यम कंम्‍प्‍यूर्स मामले की जांच से वह सबसे ज्‍यादा चर्चाओं में रहे

सादगी पसंद: लक्ष्‍मी नारायण बेहद सादगी पसंद आईपीएस अफसर रहे हैं, वह कई बार सार्वजनिक बसों और साधारण वाहनों से चलते हुए देखे गए हैं

मोटिवेशन, मेडिटेशन योग में रुचि: आईपीएस लक्ष्‍मी नारायण एक अच्‍छे मोटिवेशनल स्‍पीकर भी हैं. वह समाज में सकारात्‍मक चेतना जगाने के लिए हमेशा आगे रहते रहे हैं. मेडिटेशन में भी उनकी बहुत गहरी रुचि थी. नांदेड़ में एसपी रहते हुए जब उन्‍हें एक अच्‍छे मेडिटेशन टीचर का पता चला तो उन्‍होंने ध्‍यान सीखने की अपनी रुचि बताई.