नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने क्रिकेट से संन्यास लेने के करीब चार माह के अंदर ही अपनी सियासी पारी शुरू कर दी है. उन्होंने आज बीजेपी जॉइन कर ली है. क्रिकेटर से नेता बनने की राह पर चले गौतम गंभीर को बीजेपी लोकसभा चुनाव में उतार सकती है. गौतम गंभीर राजनीति में कितने सफल होने ये तो आने वाला समय ही बताएगा, इससे पहले वह भारतीय क्रिकेट टीम के बेहद अहम् बल्लेबाज रहे हैं. उन्होंने 4 दिसंबर, 2018 को ही क्रिकेट के सभी प्रारूपों से सन्यास लेने की घोषणा की थी. उन्होंने अपने करियर को याद करते हुए कहा था कि ‘सब कुछ खत्म हुआ गौती’, मैदान, ड्रैसिंग रूम आप चाहे किसी भी चीज का नाम लें यह विचार मुझे शायद ही खाली छोड़ेंगे. उन्होंने संन्यास लेने पहले लिखा था कि, “जिंदगी में कड़े फैसले हमेशा भारी मन से लिए जाते हैं. मेरे लिए यह संन्यास लेने का सही समय है और मुझे लगता है कि यह मेरे शॉट्स की तरह ही स्वीट है.”

ऐसा रहा है क्रिकेट का सफर, वनडे-टेस्ट में बनाए करीब 10 हजार रन
दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले गौतम गंभीर का क्रिकेट करियर 2009 में शुरू हुआ था. गंभीर ने भारत के लिए 58 टेस्ट और 147 वनडे मैच खेले. साल 2011 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का वह महत्वपूर्ण हिस्सा रहे. गंभीर ने 2016 में भारत के लिए अंतिम टेस्ट मैच खेला था. गंभीर ने टेस्ट मैचों में 41.95 के औसत से कुल 4154 रन बनाए और वनडे मैचों में उनके नाम 5238 रन रहे. गंभीर ने भारत के लिए 37 टी-20 मैच भी खेले.

वनडे-टेस्ट में कुल 19 शतक लगाए, IPL भी जमकर खेले
टेस्ट मैचों में गंभीर ने नौ शतक लगाए, जबकि वनडे मैचों में उनके नाम 11 शतक रहे. इसके अलावा गंभीर ने टी-20 मैचों में सात अर्धशतक लगाए. अपने दो दशक के क्रिकेट करियर के दौरान गंभीर भारत क्रिकेट टीम के अलावा दिल्ली, दिल्ली डेयरडेविल्स, एसेक्स, कोलकाता नाइट राइर्डस के लिए खेले. कोलकाता नाइट राइर्डस के कप्तान के तौर पर गंभीर ने दो बार आईपीएल खिताब जीते हैं. वह दिल्ली की रणजी टीम तथा डेयरडेविल्स टीम के भी कप्तान रहे हैं. उन्हें 2009 में आईसीसी द्वारा साल के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाज का खिताब भी मिला था.

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संन्यास की घोषणा करते समय हुए भावुक
गौतम गंभीर को मैदान पर एक आक्रामक बल्लेबाज के रूप में जाना जाता था. वह कई बार विपक्षी खिलाड़ियों से भिड़ भी जाते थे. सन्यास लेते समय वह भावुक हो गए थे. उन्होंने अपने करियर को याद करते हुए कहा था कि ‘सब कुछ खत्म हुआ गौती’ मैदान, ड्रैसिंग रूम आप चाहे किसी भी चीज का नाम लें यह विचार मुझे शायद ही खाली छोड़ेंगे. मैं जब भी भारत, कोलकाता, दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए मैदान पर उतरा, यह विचार मेरे दिमाग में एक गहरी और विचलित करने वाली आवाज की तरह रहा और ड्रेसिंग रूम में मेरे साथ गया.”

लगातार शून्य पर आउट होने पर हुई थी तकलीफ
गंभीर ने कहा था, “जब मैं आईपीएल-2014 में लगातार तीन बार शून्य पर आउट हुआ तो यह मुझे बेहद गहराई से चुभा. उसी साल जब मेरा इंग्लैंड का दौरा अच्छा नहीं रहा तो भी मैं निराश हुआ. 2016 में मुझे इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए राजकोट टेस्ट के बाद से टीम से बाहर कर दिया गया था. लेकिन एक बार फिर मैंने ध्यान नहीं दिया. मैं इस आवाज को हराना चाहता था. फैसला लेने के बजाय मैंने अपने शरीर को सजा दी.” गंभीर ने कहा, “मैंने सपनों को सच होते देखा है. दो विश्व कप, दोनों के फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाना सपने जैसा था. मैंने विश्व कप जीतने का सपना आप लोगों के लिए देखा था.