नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के मतदान से पहले अगली सरकार को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है. एक तरफ भाजपा ने दावा किया है कि वह अब तक हुए 6 चरण के मतदान में ही बहुमत का आंकड़ा पार कर गया है वहीं दूसरी तरफ सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी भी गैर एनडीए दलों को साधने की मुहिम में जुट गई हैं. जानकारी के मुताबिक सोनिया ने चुनावी नतीजे के दिन 23 मई को गैर एनडीए दलों की बैठक बुलाई है. हालांकि कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस बैठक की पुष्टि नहीं की है. इस संदर्भ में पूछे जाने पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘मुझे किसी बैठक और निमंत्रण की कोई जानकारी नहीं है. मैं इसकी पुष्टि या खंडन नहीं कर सकता.’ ऐसी खबरें हैं कि सोनिया गांधी ने इस संदर्भ में विपक्षी दलों के नेताओं को पत्र भी लिखा है.

इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुबाम नबी आजाद ने कहा है कि उनकी पार्टी को गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री से परहेज नहीं है. अगर विपक्षी दल सरकार बनाते हैं तो पीएम पद को लेकर बात नहीं अटकेगी. हालांकि कांग्रेस पार्टी ने गुलाब नबी आजाद के बयान पर भी कुछ बोलने से इनकार कर दिया है. पार्टी ने कहा कि 23 मई तक इंतजार किया जाना चाहिए और इसके बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आजाद के बयान पर संवाददाताओं से कहा, ”जिस टिप्पणी की आपने चर्चा की है, मैं उसके बारे में केवल ये कहूंगा कि इस देश की जनता मालिक है, मालिक जो आदेश करेगा, वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मानेगी. अब तो 6 चरणों का चुनाव समाप्त हो गया है, अब तो लगभग लोगों की राय ईवीएम मशीन के अंदर बंद है. 23 तारीख तक इंतजार कर लीजिए, सारी बात सामने आ जाएगी.”

दरअसल, आजाद ने बुधवार को पटना में कहा था कि अच्छा होगा अगर लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार चलाने के लिये कांग्रेस नेता के नाम पर आम सहमति बने लेकिन ‘हम इसे कोई मुद्दा नहीं बनाने जा रहे कि अगर हमें (कांग्रेस को) प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की पेशकश नहीं की गई तो हम (कांग्रेस) किसी और (नेता) को प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे.’’