अहमदाबाद: लोकसभा चुनाव के दौरान शर्मसार करने वाले बयानों के कारण राजनीति निम्न स्तर पर पहुंच चुकी है. गुजरात (Gujarat) के मंत्री गणपत सिंह वसावा ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तुलना ऐसे ‘कुत्ते के बच्चे से की जो अगर पाकिस्तान या चीन उसकी तरफ रोटी फेंकें तो वह वहां चला जाएगा.’ इसकी न केवल विपक्षी पार्टी कांग्रेस बल्कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (Vijay Rupani) ने भी निंदा की. वसावा इससे पहले कांग्रेस के कुछ समर्थकों के इस दावे को लेकर निशाना साध चुके हैं कि गांधी ‘भगवान शिव के अवतार’ हैं. वसावा ने राहुल गांधी से कहा था कि वे इस दावे को जहर पीकर साबित करें.

वसावा ने शनिवार के नर्मदा जिले के डेडियापाडा में आदिवासियों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘जब राहुल गांधी कुर्सी से उठते हैं तो ऐसा लगता है कि कुत्ते का बच्चा पूंछ हिलाते हुए खड़ा हुआ है जो पाकिस्तान और चीन जाएगा यदि वे उसकी ओर रोटी फेंके.’ उन्होंने अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की तुलना एक शेर से की.

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कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा कि वसावा की टिप्पणी दिखाती है कि भाजपा को गुजरात के लोगों ने खारिज कर दिया है. दोशी ने कहा, ‘वसावा ने उस आदिवासी समुदाय से अन्याय किया है जिससे वह आते हैं. उन्हें समझना चाहिए कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने से उन्हें कोई समर्थन नहीं मिलेगा जब तब वह यह नहीं बताते कि उन्होंने आदिवासियों के लिए क्या किया है.’

गुजरात कांग्रेस प्रभारी राजीव सातव ने कहा, ‘यह भाजपा के कार्य करने का तरीका है लेकिन गुजरात के लोगों ने निर्णय किया है कि वह कांग्रेस के साथ खड़े होंगे.’ मुख्यमंत्री रूपाणी ने भी वसावा की टिप्पणी से असहमति जतायी और उनसे संयम बरतने के लिए कहा. रूपाणी ने राजकोट में संवाददाताओं से कहा, ‘चुनाव के गर्म माहौल में सभी को संयम बरतना चाहिए. शब्दों का इस्तेमाल दृढ़ता से किया जाना चाहिए लेकिन किसी को भी अरुचिकर निजी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.’