शिमला: हिमाचल प्रदेश में भारत के पहले और सबसे बुजुर्ग मतदाता लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में रविवार को प्रदेश की चार संसदीय सीटों पर फिर से मतदान के लिए तैयार हैं. चुनाव अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. देवी दास (107) प्रदेश के सबसे बुजुर्ग मतदाताओं में से हैं. बिलासपुर जिला प्रशासन ने उन्हें चुनाव आयोग का स्वीप दूत घोषित कर दिया है, जो अन्य लोगों, खासकर पहली बार मतदान करने वालों के लिए मतदान करने की प्रेरणा हैं. वीडियो के माध्यम से दास हाथ जोड़कर कह रहे हैं कि उन्होंने सभी चुनावों में भाग लिया है. इनके साथ ही हिमाचल के कल्पा के रहने वाले 102 साल के श्याम शरण नेगी भी वोट करने को तैयार हैं. नेगी ने भी पहले आम चुनाव में वोट किया था. मुख्य चुनाव अधिकारी देवेश कुमार ने कहा, “कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, शिमला संसदीय सीटों पर 100 साल से ज्यादा उम्र वाले लगभग 999 लोग 19 मई को मतदान करेंगे.

उन्होंने कहा, “मैं अगर 19 मई को जिंदा बचा, तो मतदान जरूर करूंगा. मैं अपील करता हूं कि सभी लोगों को मतदान करना चाहिए.” बिलासपुर के उपायुक्त विवेक भाटिया ने दास के झंदुत्ता क्षेत्र के बालसीना ग्राम पंचायत स्थित आवास पर उनसे मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने साल 1948-49 के समय की एक अक्खड़ ब्रिटिश अधिकारी की एक घटना को याद किया, जब वह कोलकाता के फोर्ट विलियम में तैनात था. भाटिया ने एक फेसबुक पर पोस्ट किया, “उनके जैसे लोग वट वृक्ष की तरह होते हैं. मुश्किल से बोलने वाले दास ने मुझे एक सलाह दी जो मैं जिंदगीभर संभाल कर रखूंगा. मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं.”

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मुख्य चुनाव अधिकारी देवेश कुमार ने कहा, “कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, शिमला संसदीय सीटों पर 100 साल से ज्यादा उम्र वाले लगभग 999 लोग 19 मई को मतदान करेंगे.” राज्य में सबसे अधिक आबादी वाले कांगड़ा जिले में 100 वर्ष से अधिक आयु वाले मतदाता सर्वाधिक (293) हैं, जिसके बाद हमीरपुर जिला (125) और मंडी (122) हैं. सड़क मार्ग से लगभग पांच महीनों तक शेष दुनिया से कटे रहने वाले लाहौर-स्पीति जिले में 100 वर्ष से अधिक आयु वाले पांच मतदाता हैं. राज्य में लगभग 53 लाख मतदाता हैं और 19 मई को मतदान के लिए 7,730 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.

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