नई दिल्‍ली: केंद्रीय मंत्री व बीजेपी के सीनियर नेता नितिन गडकरी ने गुरुवार को राष्‍ट्रीय राजधानी में स्‍थित बीजेपी मुख्‍यालय में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जमकर हमला बोला. गडकरी ने कहा कि कांग्रेस चाहती थी कि पर्फोमेंस और काम मुद्दा न बने इसके लिए उसके समेत विपक्ष चुनाव में दो बातें लेकर गए. पहला दलितों, माइनॉरिटी, एसटीएससी के मन में डर पैदा करना और दूसरा विकास के जो काम 50 साल में नहीं हुए और 5 साल हुए, उस पर चर्चा न करके जानबूझकर गंदी- गंदी टिप्‍पणियां करना. गडकरी ने कहा कि मेरे पास 56 गालियों की लिस्‍ट है. वे कितनी भी गालियां देंगे, लेकिन भारत की जनता समझदार और सही निर्णय लेने की क्षमता रखती है. गडकरी ने कहा कि देश की जनता को 56 भोग की गाली पर विश्वास नहीं करना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि दुर्भाग्यवश प्रधानमंत्री को मान-सम्मान देने की बजाय विपक्ष और खास तौर से कांग्रेस द्वारा की उनपर अभद्र टिप्पणियां की गईं.

लगातार गरीबी हटाओ का नारा दिया पर नहीं हटी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने लगातार गरीबी हटाओ का नारा देकर गरीबी हटाने की बात की पर गरीबी नहीं हटी और ये न्याय की बात नहीं है, अन्याय किया है, विश्वसनीयता नहीं है. उन्‍होंने कहा कि न्याय होगा नहीं 72 हजार रुपए की बात की विश्वसनीयता नहीं है और जो मोदी जी ने किया है, उस के आंकड़े है .

ये क्या गरीबों को न्याय देंगे
गंगा को हमने अविरल निर्मल किया, तभी तो प्रियंका जी ने नौका यात्रा की और तीन बार गंगा जल भी पिया और कुम्भ में मॉरिशस के प्रधान मंत्री पिछले कुंभ में आए थे तो गंदगी देख कर बिना नहाए चले गए थे और इस बार भूरि- भूरि प्रशंशा की. 1984 के दंगा पीडि़तों को आज तक न्याय नहीं मिला और आरोपियों को प्रतिष्ठित किया, ये क्या गरीबों को न्याय देंगे.

राजीव के साथ जो हुआ, उसके लिए बीजेपी कैसे जिम्‍मेदार
गडकरी ने कहा कि राजीव गांधी के साथ जो हुआ, उस समय कांग्रेस सपोर्टेड चंद्रशेखर का राज था, तो जिम्मेदारी उनकी है, बीजेपी को कैसे जिम्मेदार ठहराते हैं. 1971 के युद्ध के दौरान अटल जी के नेतृत्व सभी विपक्षी दलों ने तब की प्रधानमंत्री इंदिरा जी का समर्थन किया था और कहा कि देश की सुरक्षा में हम साथ लेकिन इस बार सुरक्षा के विषयों का भी राजनीतिकरण किया गया. राजनीति में मतभिन्नता हो सकती है, लेकिन मनभेद और दुष्प्रचार नहीं होना चाहिए.