नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों के यहां इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी सोमवार को भी जारी रही. अधिकारी सोमवार को कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के करीबी अश्विन शर्मा के भोपाल स्थित आवास पर छापेमारी कर रहे थे. रविवार तड़के करीब तीन बजे छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई थी. आयकर विभाग के अधिकारियों ने रविवार को कमलनाथ के करीबी सहयोगियों और अन्य के खिलाफ दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 52 ठिकानों पर छापेमारी की. अधिकारियों का कहना है कि कर चोरी एवं हवाला लेन-देन के आरोपों में यह छापेमारी की जा रही है.

आयकर विभाग के करीब 200 अधिकारियों की टीम ने रविवार तड़के तीन बजे इन परिसरों पर छापेमारी शुरू की और 10 से 14 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी बरामद की. सूत्रों ने बताया कि ‘पूरी आशंका’ है कि इस नकदी का दिल्ली और मध्य प्रदेश में राजनीतिक अभियानों का वित्तपोषण करने और मतदाताओं को रिश्वत देने जैसे चुनावी प्रलोभन में इस्तेमाल किया जाना था. सूत्रों ने बताया कि छापेमारी की प्रारंभिक रिपोर्ट दिल्ली में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और चुनाव आयोग के साथ साझा की गई है. उन्होंने बताया कि बरामद हुई नकदी बढ़ती जा रही है तथा भोपाल में गिनती के लिए और मशीनों की व्यवस्था की गई है.

सूत्रों ने बताया कि तलाशी अभियान दिल्ली की जांच शाखा और भोपाल एवं रायपुर की उसकी इकाइयों की मदद से चलाया जा रहा है. अधिकारियों ने राज्य में प्रवेश के लिए बसों, ऑटोरिक्शा और टैक्सी का इस्तेमाल किया ताकि किसी को भी इसकी भनक न लगे. उन्होंने बताया कि यह छापेमारी मौजूदा चुनावी सीजन में संदिग्ध हवाला धन की संदिग्ध आवाजाही और कर चोरी के मामले में की गई है.

अधिकारियों ने बताया कि आयकर अधिकारियों ने इंदौर, भोपाल, गोवा और दिल्ली (ग्रीन पार्क) में छापेमारी की. जिन लोगों पर छापेमारी की गई, उनमें कमलनाथ के पूर्व ओएसडी प्रवीण कक्कड़, पूर्व सलाहकार राजेंद्र मिगलानी और उनके रिश्तेदार की कंपनी मोजर बेयर तथा उनके भांजे रातुल पुरी की कंपनी से जुड़े अधिकारी शामिल हैं. जिन 52 स्थानों पर छापेमारी की गई, उनमें अहमदाबाद की कुछ जगह भी शामिल हैं.

कक्कड़ से कथित तौर पर जुड़े़ अश्विन शर्मा की भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा रेजिडेंसी में भी अभियान के तहत तलाशी ली गई. अधिकारियों ने बताया कि लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से पहले ही कक्कड़ और मिगलानी ने इस्तीफा दे दिया था. इंदौर में कक्कड़ के विजय नगर क्षेत्र स्थित आवास और उनसे जुड़े अन्य परिसरों पर छापोमरी की गई. इसके अलावा भोपाल की नादिर कॉलोनी में स्थित उनके घर और कई अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की गई.

अधिकारियों ने बताया कि 281 करोड़ रुपये के बेहिसाब लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है और उनमें से कई को जब्त कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि छापेमारी वाली कुछ जगहों से महंगी शराब की बोतलें, आग्नेय अस्त्र भी बरामद किए गए. सूत्रों ने बताया कि कोलकाता के कारोबारी पारसमल लोढ़ा के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई. लोढ़ा को प्रवर्तन निदेशालय ने नोटबंदी के बाद धनशोधन के आरोपों में गिरफ्तार किया था.

उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के पास इस बार लोढ़ा से जुड़े लोगों के हवाला लेनदेन में शामिल होने की सूचना है. यह लेनदेन कमलनाथ के रिश्तेदार दीपक पुरी के खिलाफ चल रहे धनशोधन मामले से जुड़ा हुआ है. मध्य प्रदेश पुलिस के पूर्व अधिकारी कक्कड़ को राज्य में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार के पिछले साल सत्ता में आने के बाद कमलनाथ का ओएसडी नियुक्त किया गया था. इससे पहले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय वह पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के ओएसडी थे.

(इनपुट-भाषा)