नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने शारदा चिटफंड मामले में कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार को गिरफ्तारी से छूट देने संबंधी अपने आदेश को शुक्रवार को वापस ले लिया. राजीव कुमार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का चहेता अधिकारी माना जाता है. दो दिन पहले बुधवार को ही चुनाव आयोग ने राजीव कुमार को एक झटका दिया था.

दरअसल, कोलकाता में मंगलवार की शाम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में भड़की हिंसा के बाद आयोग ने बुधवार को राजीव कुमार को केंद्रीय गृह मंत्रालय से अटैच कर दिया था. उन्हें अगले दिन गुरुवार को ही दिल्ली रिपोर्ट करने को कहा गया था. राजीव कुमार मौजूदा समय में पश्चिम बंगाल सीआईडी के हेड कर रहे थे.

शुक्रवार को शारदा चिट फंड घोटाले से जुड़े मामले में शीर्ष अदालत ने कहा कि कुमार को गिरफ्तारी से छूट देने संबंधी पांच फरवरी का आदेश आज से सात दिनों के लिए लागू रहेगा, ताकि वह कानूनी उपायों के लिए सक्षम अदालत में जा सकें. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने सीबीआई से कहा कि वह मामले में कानून के अनुसार काम करे. शीर्ष अदालत ने कहा कि हम अपने 5 फरवरी के आदेश में राजीव कुमार को दिए गए संरक्षण को वापस लेते हैं. इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की अध्यक्षा वाली तीन सदस्यीय पीठ ने की थी. इसमें जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना शामिल थे. जस्टिस संजीव खन्ना ने ये आदेश दिया था.