कोलकाताः औपचारिक रूप से लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया खत्म होने के बाद चुनाव आयोग की ओर से आदर्श आचार संहिता को हटा दिया गया है. ऐसे होते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर अपने पुराने फॉर्म में आ गईं. उन्होंने विवादों में घिरे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी राजीव कुमार सहित भारतीय पुलिस सेवा के 11 अधिकारियों को उनके पुराने पदों पर बहाल कर दिया.

कुमार को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगल सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक के पद से हटा दिया था. राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में उन्हें फिर से इस पद पर बहाल कर दिया गया. राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कोलकाता पुलिस आयुक्त बनाए गए राजेश कुमार को अगले नियुक्ति आदेश के लिए इंतजार करने को कहा गया है जबकि उनकी जगह अनुज शर्मा को नियुक्त किया गया है. इसी तरह से अन्य अधिकारियों को भी उनके पूर्व पदों पर बहाली के आदेश दिए हैं.

इस बीच सीबीआई ने कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को तलब कर सोमवार को सारदा घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा है. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी कुमार को सोमवार को एजेंसी के साल्टलेक स्थित कार्यालय में उपस्थित रहने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि सीबीआई ने कुमार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त देश छोड़कर कहीं ना जाए, इसे रोकने के लिए उनके खिलाफ यह कदम उठाया गया है.

(इनपुट भाषा)