अहमदाबाद. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के परिणाम कांग्रेस के लिए काफी निराशाजनक रहे थे. इस राज्य की सभी 26 सीटें भारतीय जनता पार्टी ने अपने खाते में कर ली थीं. लेकिन तीन साल बाद हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस की आक्रामक अभियान ने राज्य में मृतप्राय पड़ी पार्टी में जान फूंकी. विधानसभा चुनाव ने न सिर्फ कांग्रेस को संजीवनी दी, बल्कि इसी दम पर वह आगामी लोकसभा चुनाव में भी राज्य में कुछ सीटों पर जीत की संभावना देख रही है. सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि कांग्रेस अपने प्रदर्शन से सियासी रणनीतिकारों और भाजपा को भी चौंकाने के मूड में है. दरअसल, कांग्रेस का यह भरोसा राज्य के सौराष्ट्र इलाके की कुछ सीटों पर हाल के दिनों में बनी पकड़ और वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में किए गए प्रदर्शन से बना है.

हार्दिक पटेल के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी

साल 2017 के गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को अगर संकेत मानें तो भाजपा को राज्य की कम से कम सात लोकसभा सीटों पर जीत के लिए खूब पसीना बहाना पड़ेगा. इनमें ज्यादातर सीटें भाजपा का गढ़ माने जाने वाले सौराष्ट्र क्षेत्र में हैं. गुजरात में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 77 सीटें मिली थीं, जबकि 2012 के विधानसभा चुनावों में उसे सिर्फ 16 सीटें नसीब हुई थीं. भाजपा को 2017 के विधानसभा चुनावों में महज 99 सीटें मिल पाई, जो पिछले दो दशकों में पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन था. आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं. कांग्रेस को सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र की 54 सीटों में से 30 सीटों पर जीत मिली थी.

लोकसभा चुनावः प्रचार के दौरान समर्थकों को 8 रुपए की चाय और 10 का समोसा खिला सकेंगे उम्मीदवार

आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस नेताओं को यकीन है कि 2017 के मुकाबले, पार्टी और अच्छा प्रदर्शन करेगी. कांग्रेस नेताओं को इस बात का भरोसा है कि पार्टी सौराष्ट्र क्षेत्र में कम से कम चार सीटें- अमरेली, जूनागढ़, बोटाड और सुरेंद्रनगर जीत सकती है. इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी को मध्य गुजरात की आणंद सीट और उत्तरी गुजरात की बनासकांठा एवं पाटन सीट पर भी अपनी जीत की संभावनाएं दिख रही हैं. वहीं इन इलाकों से लगे दाहोद, छोटा उदयपुर और साबरकांठा सीटों पर भी कांग्रेस की नजर है.

चुनावी बाजी पलटने में माहिर प्रोफेशनल रणनीतिकार, पर्दे के पीछे ऐसे कर रहे काम

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा, ‘‘सौराष्ट्र के लोगों ने 2017 के चुनावों में दिल खोलकर हमारा समर्थन किया था, जिसकी वजह से इस क्षेत्र में हमें काफी सीटें मिली. लोकसभा चुनावों में निश्चित तौर पर यह एक पहलू होगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उस क्षेत्र से चार-पांच सीटें जीतने की उम्मीद रखते हैं.’’ सौराष्ट्र में भाजपा इस धारणा से जूझ रही है कि 2016 में आई बाढ़ से प्रभावित हुए लोगों की मदद करने में वह नाकाम रही. दोशी ने कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में कम से कम 12-13 सीटों पर जीत की उम्मीद है. सौराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी को अपना प्रदर्शन सुधरने की उम्मीद इसलिए भी है, क्योंकि यह इलाका पाटीदार पटेल बहुल इलाका माना जाता है. हाल ही में पाटीदार आरक्षण आंदोलन से चर्चा में आए युवा नेता हार्दिक पाटीदार ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है. वहीं, विधानसभा चुनाव के दौरान पाटीदारों का भाजपा विरोध भी महत्वपूर्ण कारक है, जिसको लेकर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदों को पंख लगे हैं.

(इनपुट – एजेंसी)

लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें India.com