Andhra Pradesh Assembly and Lok Sabha Election:देश भर में प्रचंड मोदी लहर के बावजूद दक्षिण भारत के एक राज्य आंध्र प्रदेश में एक युवा नेता के सामने अच्छे-अच्छे धराशायी हो गए. वाईएसआर कांग्रेस (YSR Congress) नाम की इस पार्टी ने आंध्र प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों में से 22 पर कब्जा जमाया है. वहीं राज्य विधानसभा चुनाव में उसने 175 में 151 सीटें जीतकर दो तिहायी बहुमत से विजय हासिल की है. Also Read - West Bengal Assembly Election 2021: भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक थोड़ी देर में, पीएम मोदी और शाह की मौजूदगी तय होंगे कैंडिडेट्स

हम बात कर रहे हैं कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे दिवंगत वाईएसआर राजशेखर रेड्डी के बेटे जगन मोहन रेड्डी (Jagan Reddy) की. एकीकृत आंध्र प्रदेश के सीएम रहते वक्त दिवंगत हुए राजशेखर रेड्डी की विरासत को समेटते हुए बेटे जगन रेड्डी ने सफलता की बेहद लंबी लकीर खींच दी है. दो बार से सीएम एन चंद्रबाबू नायडू की पार्टी को धराशायी करते हुए जगन रेड्डी ने ये कारानामा किया है. जगन रेड्डी की लोकप्रियता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि देश भर में प्रचंड मोदी लहर के बावजूद इस राज्य में भाजपा को केवल 1 फीसदी वोट मिले. वाईएसआर को 49.1 फीसदी वोट मिले जबकि टीडीपी को 39.6 फीसदी वोट मिले. कांग्रेस को 1.29 फीसदी वोट मिले. Also Read - WB Polls 2021: प. बंगाल में पेट्रोल पंप परिसरों से हटेंगी PM मोदी की तस्वीरें, चुनाव आयोग ने दिया 72 घंटे का समय

कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मध्य रात्रि के बाद तक भी वोटों की गिनती होती रही, लोगों में वाईएसआरसीपी और तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के बीच के मुकाबले को लेकर उत्सुकता बनी रही लेकिन शुक्रवार की सुबह तस्वीर साफ हो पाई. तेदेपा 23 विधानसभा और तीन लोकसभा सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर रही. इस चुनाव में आगाज करने वाली अभिनेता पवन कल्याण की जन सेना पार्टी (जेएसपी) को एक विधानसभा सीट मिली. कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दोनों ही खाली हाथ रह गए. Also Read - राहुल और प्रियंका गांधी ने कहा- यूपी की बीजेपी सरकार में हर वर्ग के लिए मुश्किल बनी खराब कानून व्यवस्था

गुरुवार देर रात घोषित परिणामों में तेदेपा के गाल्ला जयदेव ने वाईएसआरसीपी के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एम. वेणुगोपाल रेड्डी के ऊपर 4,800 वोटों के अंतर के साथ गुंटूर लोकसभा सीट को बरकरार रखा. तेदेपा के केसिनेनी नानी और के. राममोहन नायडू ने भी कांटे के मुकाबले के बाद क्रमश: विजयवाड़ा और श्रीकाकुलम लोकसभा सीटों को बरकरार रखा.