श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में सरकार के दिशा-निर्देश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर सप्ताह के निर्धारित दिनों में आम वाहनों की आवाजाही पर रोक लगने का खामियाजा बीते मंगलवार को चुनाव ड्यूटी पर जा रहे एक सरकारी अधिकारी को उठाना पड़ा. दरअसल, दुरू के एसडीएम ने आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव ड्यूटी पर जाते समय श्रीनगर-काजीगुंड राजमार्ग पर उनके साथ सेना के कुछ जवानों ने हाथापाई की. आरोप है कि सेना के जवानों ने एसडीएम के वाहन को रोककर न सिर्फ चुनाव कार्य में लगे सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मारपीट की, बल्कि चुनाव सामग्री को भी नुकसान पहुंचाया. इसको लेकर दुरू एसडीएम गुलाम रसूल वानी ने काजीगुंड थाने के एसएचओ से आरोपी जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. इधर, घटना के बाद पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और पूर्व नौकरशाह एवं जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट प्रमुख शाह फैसल ने सैन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. Also Read - पाकिस्तान ने LOC पर गांवों और चौकियों को फिर बनाया निशाना, इस साल अब तक चार हज़ार बार कर चुका है संघर्ष विराम का उलंघन

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अधिकारियों ने बताया कि एसडीएम दुरू गुलाम रसूल वानी काजीगुंड जा रहे थे और रास्ते में उनके सरकारी वाहन को जवानों ने रोक लिया. उन्होंने बताया कि वानी ने उनसे कहा कि उनकी गाड़ी को जाने दिया जाए, क्योंकि वह चुनाव ड्यूटी पर हैं. बहरहाल, जवानों ने कथित रूप से उनपर हमला कर दिया. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में एसडीएम ने कहा कि वे दक्षिणी कश्मीर के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर भी हैं. उन्होंने बताया, ‘चुनाव ड्यूटी के दौरान में वेसू जा रहा था, क्योंकि डीएम वहां मेरा इंतजार कर रहे थे. राष्ट्रीय राजमार्ग पर हमारे वाहन को सेना के जवानों ने रोका, लेकिन परिचय देने के बाद हम लोगों को जाने दिया गया. तीन चेकपोस्ट पार करने के बाद चौथे चेकपोस्ट पर हम लोगों को रोक लिया गया.’ Also Read - अमित शाह की चेतावनी- ‘गुपकर गैंग’ राष्ट्रीय भावना के अनुरूप चले, वरना...

एसडीएम दुरू ने बताया, ‘सेना द्वारा रोकने पर जब तक हम लोग अपना परिचय देते, इसी बीच कुछ जवान आए और मुझे कॉलर पकड़कर नीचे उतर लिया. उन्होंने हमारी गाड़ी के ड्राइवर को भी पीटा. हथियार के दम पर जवानों ने हमारे मोबाइल फोन छीन लिए. उन लोगों ने न सिर्फ गाड़ी में बैठे कर्मचारियों के साथ अभद्रता की, बल्कि चुनाव सामग्री को भी नुकसान पहुंचाया.’ एसडीएम गुलाम रसूल वानी ने कहा कि उन्होंने घटना को लेकर कुलगाम एसएसपी को सूचना दे दी है. साथ ही यह मांग भी की है कि आरोपी जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए. एसडीएम ने इस बाबत कुलगाम थाने के एसएचओ को लंबा पत्र भी लिखा है.

इधर, एसडीएम के साथ हाथापाई की घटना को लेकर रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि घटना का विवरण पता लगाया जा रहा है. श्रीनगर स्थित रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि घटना की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही इस संबंध में कोई कार्रवाई की जाएगी. वहीं, कुलगाम के एसपी गुरिंदरपाल सिंह ने इस बाबत केस दर्ज करने की पुष्टि की है. दक्षिण कश्मीर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अखबार को बताया, ‘विश्वसनीय सूत्रों से पुलिस को एसडीएम और सेना के जवानों के बीच विवाद होने की खबर मिली है. पुलिस ने इस संबंध में संज्ञान ले लिया है. एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है.’

इस बीच, एसडीएम द्वारा सेना के जवानों पर मारपीट का आरोप लगाने को लेकर राजनीति शुरू हो गई है. पूर्व आईएएस एवं जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट प्रमुख शाह फैसल फैसल ने एसडीएम के साथ हाथापाई करने वाले सैन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं, राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ‘घेराबंदी की भावना’ पैदा करने के लिए प्राधिकारियों पर हमला बोला. उन्होंने भी घटना में शामिल जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

(इनपुट – एजेंसी)

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