नई दिल्ली: कभी बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस रहीं जया प्रदा को लेकर सपा नेता आज़म खान द्वारा की गई टिप्पणी से बवाल मच गया है. ‘आपको 17 साल लग गए पहचानने में, लेकिन मैं 17 दिन में ही पहचान गया था कि इनके नीचे के अंडरवियर आरएसएस का है’ बयान के बाद बीजेपी की रामपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी जया प्रदा हमलावर हो गई हैं. जया ने कहा कि आज़म अब उनके लिए भाई नहीं रहे. जया ने आजम से पूछा है कि क्या आजम अपने घर में बहन-बेटियों से ही ऐसे ही बात करते हैं. पिछले माह 26 मार्च को बीजेपी में शामिल होने वालीं जया प्रदा और आजम खान के बीच की ये तकरार नई नहीं है. समय बढ़ने के साथ ही एक-दूसरे के प्रति गिरती भाषा का स्तर भी ऊंचाई छू रहा है.

कुछ इस तरह शुरू हुई थी आजम-जया में तकरार
आजम खान के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं जया प्रदा के बीच मुकाबला दिलचस्प होगा. सपा आजम खां को रामपुर से प्रत्याशी घोषित कर चुकी है. आजम खां और जया के बीच तनाव या दुश्मनी करीब 15 साल पुरानी है. दरअसल, 2004 में आजम रामपुर से चुनाव लड़ना चाहते थे. अमर सिंह तत्कालीन सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी थे. और अमर सिंह जया के करीबी हैं. ऐसे में आजम खां को रामपुर से मौका नहीं मिल पाया, बस यहीं से आजम खां और जया प्रदा में तनातनी शुरू हुई.

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जया ने आजम को बताया था खिलजी
दोनों ने एक-दूसरे पर कई आरोप लगाए और बयानबाजी हुई, जो तल्ख़ होती गई. समय-समय पर दोनों एक दूसरे पर निशाना साधते रहे. जया ने आजम खां पर निशाना साधा. पिछले साल 2018 में आई फिल्म ‘पद्मावत’ को देखने के बाद जया प्रदा ने आजम को लेकर बयान दे दिया. जया ने कहा था कि वह जब फिल्म देख रही थीं तो उन्हें आजम खां की याद आ गई. फिल्म के खिलजी के किरदार को देख मुझे आजम की याद आई. चुनाव के दौरान ऐसे ही मुझे परेशान किया गया था. जया ने आजम खां का नाम लिया था.

आजम ने जया को कहा था- नाचने गाने वाली
इसके बाद आजम खां ने जया प्रदा को जवाब देते हुए कहा था कि वह नाचने-गाने वालों का जवाब नहीं देता. मैं अभी दूसरे-कामों में व्यस्त हूं. इससे पहले जया ने आजम पर आरोप लगाया गया था कि उन्हें जान को ख़तरा है. उन पर तेज़ाब फेंका जा सकता है. मैं घर से बाहर जाती हूं तो पता नहीं होता तो ज़िंदा लौटूंगी या नहीं.

फोटो वायरल करने का लगाया था आरोप
इसके साथ ही जया ने ये भी आरोप लगाया था कि आजम उनकी फोटोज के साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ कर वायरल कर रहे हैं. आजम पर जया ने बदनाम करने का आरोप लगाया था.

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जया को रुकने को नहीं मिलते थे होटल
ख़बरें यहां तक भी आईं कि जया प्रदा को रामपुर को कोई होटल नहीं देता था, क्योंकि आजम ऐसा करने वाले होटल मालिकों को धमका देते थे. इतने तल्ख़ रिश्ते रखने वाले आजम और जया अगर आमने-सामने चुनाव लड़ेंगे तो मुकाबला और माहौल अलग और दिलचस्प होगा.

जया ने दो दिन पहले कहा था- आप मुझे इस नजर से देखते हैं कि मैं नाचने वाली हूं
दो दिन पहले ही 13 मार्च को जया प्रदा ने कहा कि ‘आज़म खान साहब मैंने आपको भाई कहा, लेकिन आपने मुझे बहन के नाम से बद्दुआ दी. आपने मुझे ज़लील किया, क्या हमारे भाई कभी इस नज़र से देखते हैं कि मैं नाचने वाली हूं. इसलिए मैं रामपुर छोड़ के जाना चाहती थी. जया प्रदा ने कहा कि ‘मैंने मुलायम सिंह जी को भी बताया था कि मेरी अश्लील तस्वीरें रामपुर में घुमा रहे हैं, मुझे बचाइए, लेकिन रामपुर में किसी नेता ने मुझे बचाने की कोशिश नहीं की, तो मुझे रामपुर छोड़ कर जाना पड़ा.

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और इस बार तो हद ही हो गई
इस बार हद ही हो गई. आज़म खान के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं जया प्रदा को लेकर ऐसा विवादित बयान दे दिया जिससे बवाल मच गया. आज़म के खिलाफ एफआईआर हो गई, चुनाव आयोग ने नोटिस दे दिया है. चुनावी माहौल में आजम के बयान की ही चर्चा है, आज़म को इसके लिए लानतें भेजी जा रही हैं. आज़म ने रामपुर में अखिलेश यादव की मौजूदगी में कहा कि ‘जिनको हमने रामपुर की गलियों में ऊँगली पकड़ कर चलना सिखाया, उन्हें आपको पहचानने में 17 साल लग गए, लेकिन मैं 17 दिन में पहचान गया था कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है’. माना जा रहा है कि आजम ने ये बयान जया प्रदा के लिए ही दिया क्योंकि उनकी तकरार जगजाहिर है और इशारा भी आजम का जया की ओर ही था. 2004 से शुरू हुई तकरार अब मां-बहन से होते हुए अंडरवियर तक पहुँच गई है.

दो बार सांसद चुनी जा चुकी हैं जया
बता दें कि जया प्रदा सपा से पहले तेलुगु देशम पार्टी व राष्ट्रीय लोक दल में भी रही हैं. दो बार सांसद व एक बार राज्यसभा रहीं जया प्रदा ने एक समय फ़िल्मी दुनिया पर राज किया है. जया ने 2009 और 2014 चुनाव में रामपुर का प्रतिनिधित्व किया था. दोनों बार उन्होंने रामपुर से कांग्रेस की नूर बानो को शिकस्त दी थी. उन्होंने 1994 में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) में शामिल होकर राजनीति में प्रवेश किया था. बाद में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गई थीं लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से 2010 में उन्हें निष्कासित कर दिया गया था.