तिरुपति: कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने शनिवार को यहां कहा कि जनता दल (सेकुलर) ने केंद्र में सरकार के गठन को लेकर पहले ही कांग्रेस को समर्थन देने की बात कह दी है और पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के जन्मदिन पर यहां उनके साथ तिरुपति मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद कुमारस्वामी ने पत्रकारों से कहा, “हमने पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष को अपना समर्थन दे दिया है. हमारा रुख बदलने वाला नहीं है.’

देवेगौड़ा ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी की तरफ से 23 मई को होने वाली बैठक के संदर्भ में कोई निमंत्रण नहीं आया है. उन्होंने कहा, “हम कांग्रेस के साथ हैं. 23 मई को परिणाम आने के साथ ही पूरे देश के सामने तस्वीर साफ हो जाएगी.’ कुमारस्वामी ने कहा जद (एस)-कांग्रेस कर्नाटक में संयुक्त रूप से ज्यादा सीटे जीतेंगे. कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां तक मेरा अनुमान है, हमें 18 से 19 सीटें मिलेंगी.’

देवेगौड़ा ने कहा कि वह देश के लोगों की सेवा करने के लिए ऊर्जा और शक्ति प्राप्त करने के लिए ईश्वर का आशीर्वाद लेने हर साल 18 मई को भगवान वेंकटेश्वर मंदिर जाते हैं. उन्होंने कहा, “देवता के आशीर्वाद से, मैंने कुछ समय के लिए देश की सेवा की. मेरे कार्यकाल में किसी भी वर्ग के खिलाफ कोई भेदभाव नहीं दिखाया गया. किसानों ने आत्महत्या नहीं की थी.’

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बता दें कि सत्तारूढ़ कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन में मतभेदों और ‘‘सिद्धरमैया को फिर से मुख्यमंत्री’’ बनाने की बढ़ती मांगों के बीच जद (एस) के वरिष्ठ नेता बसवराज होरात्ती ने विधानसभा भंग किये जाने का सुझाव दिया था. उनके बयान के कारण मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी को गठबंधन के नेताओं को सार्वजनिक रूप से ‘विरोधाभासी’ और ‘विवादास्पद’ बयान देने से बचने का अनुरोध करना पड़ा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में गैर-भाजपा सरकार बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं और ऐसे में गठबंधन नेताओं के इस तरह के बयानों से ये प्रयास धूमिल हो सकते है. उन्होंने कहा, ‘‘हम केंद्र में नई सरकार के गठन के करीब हैं.’ कुमारस्वामी ने ट्वीट किया, ‘ऐसे समय में, जब केन्द्र में गैर-भाजपा सरकार बनाये जाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं, तो गठबंधन सहयोगियों कांग्रेस-जद (एस) के नेताओं के विरोधाभासी बयानों से इस तरह के प्रयासों को झटका लग सकता है.’’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए मेरा दोनों पार्टियों के नेताओं से विनम्र अनुरोध है कि वे सार्वजनिक रूप से विरोधाभासी-विवादित बयान देने से बचें.’

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