नई दिल्ली. पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान में कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद धनबाद से लोकसभा का चुनाव लड़ने जा रहे हैं. दरभंगा लोकसभा सीट से जिस नाटकीय तरीके से उनकी चुनावी संभावनाओं का अंत हुआ, फिर सीट चयन के झमेले में भी वे पड़े और आखिरकार जो सीट चुनी गई, वह भी काफी कठिन, ये सारे घटनाक्रम कीर्ति आजाद को सुहा नहीं रहे होंगे. क्योंकि धनबाद लोकसभा सीट का चुनावी समर कीर्ति आजाद के लिए आसान नहीं है. यहां से दो बार लगातार सांसद के रूप में चुने जा रहे भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह यानी पीएन सिंह, कीर्ति आजाद को कड़ी टक्कर देने वाले हैं. वे तीसरी बार चुनाव जीतने के प्रयास में हैं. क्रिकेट खेल छोड़ने के बाद कीर्ति आजाद ने धनबाद के नजदीक बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में अधिकारी के रूप में काम किया है. बीएसएल में रहते हुए भी कीर्ति ने काफी क्रिकेट खेली है. अब जबकि वे धनबाद से चुनाव लड़ने जा रहे हैं, तो उनके सामने भाजपा नेता पीएन सिंह की हैट्रिक रोकने की जिम्मेवारी है. Also Read - चुनाव से पहले ममता बनर्जी को बड़ा झटका, पार्टी के दिग्गज नेता ने अहम पद छोड़ा

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कीर्ति के लिए सबसे बड़ी चुनौती पीएन सिंह
धनबाद से छपने वाले अखबार दैनिक जागरण के अनुसार, बोकारो में रहने वाले लोग कीर्ति आजाद को क्रिकेट में तेजतर्रार बल्लेबाजी के लिए जानते-पहचानते हैं. क्रिकेट में लगातार दो गेंदों पर दो विकेट चटका चुके किसी गेंदबाज के सामने आने वाले तीसरे बल्लेबाज पर सबसे बड़ा दबाव यही होता है कि वह किसी तरह गेंदबाज की हैट्रिक रोक दे. पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद भी पीएन सिंह के सामने उसी बल्लेबाज की तरह लाए गए हैं और उनके ऊपर भी भाजपा के इस दिग्गज नेता का हैट्रिक रोकने की जिम्मेदारी आ गई है. यह काम आसान नहीं है, क्योंकि धनबाद लोकसभा क्षेत्र को लेकर उनका अनुभव नहीं है. ऊपर से कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी सियासत को भी उन्हें साधना होगा. सबसे बड़ी चुनौती तो उनके सामने पीएन सिंह ही हैं, जो यहां की राजनीति के पुरोधा माने जाते रहे हैं. इतने सारे संकटों से पार पाकर ही कीर्ति अपनी ‘कीर्ति-पताका’ धनबाद में फहरा सकेंगे. Also Read - ममता बनर्जी ने कहा- चुनाव के समय आकर हिंसा करते हैं, ऐसे बाहरी लोगों के लिए बंगाल में जगह नहीं

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कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी लड़ाई भी जीतनी होगी
इस लोकसभा चुनाव में कीर्ति आजाद के लिए जितना कठिन टिकट हासिल करना रहा है, धनबाद लोकसभा क्षेत्र उससे बड़ी चुनौती के रूप में उनके सामने आएगा. चुनाव मैदान में उतरने से पहले उन्हें अपनी पार्टी की अंदरूनी लड़ाई को भी जीतना होगा. धनबाद सीट से कीर्ति के नाम की घोषणा के साथ ही भाजपा सांसद पीएन सिंह ने उनके खिलाफ जंग छेड़ दी है. दैनिक जागरण की खबर के अनुसार, पीएन सिंह ने बीते दिनों कहा था कि धनबाद के स्थानीय नेताओं को छोड़ कांग्रेस ने बाहरी व्यक्ति को चुनाव का टिकट दिया है. पीएन सिंह का यह बयान, कांग्रेस पार्टी की धनबाद इकाई में कीर्ति की उम्मीदवारी को लेकर बहुत-कुछ ठीक न होने का संकेत माना जा रहा है. ऐसे में कीर्ति आजाद के लिए जरूरी है कि चुनाव मैदान में उतरने से पहले वे पार्टी के भीतर खुद की स्वीकार्यता बनाएं. ददई दुबे सरीखे स्थानीय नेताओं की नाराजगी भी उन्हें दूर करनी होगी. इसके बाद ही उनके लिए चुनावी जंग आसान हो पाएगी.

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