नई दिल्ली: लोकसभा सीटों के लिहाज से नॉर्थ ईस्ट के सबसे बड़े राज्य असम में बीजेपी अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी को मनाने में कामयाब रही है. बीजेपी के महासचिव राम माधव ने मंगलवार को कहा कि बीजेपी असम गण परिषद (AGP) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. इस गठबंधन में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) तीसरी पार्टी होगी. असम की 14 सीटों के लिए 11 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच तीन चरणों में चुनाव होंगे. असम के बीजेपी प्रभारी राम माधव ने बताया कि बीजेपी, असम गण परिषद (एजीपी) और बीपीएफ ने कांग्रेस को हराने के लिए असम में आगामी लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है.

नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 पर मतभेद के बाद एजीपी ने जनवरी में भाजपा के साथ संबंध तोड़ दिया था. बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और बीजेपी के साथ एजीपी ने 2016 के असम विधानसभा चुनाव साथ लड़ा था. राज्य में 2001 से लगातार तीन बार राज्य में शासन करने वाली कांग्रेस को हराकर सरकार बनाई थी. भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों की घोषणा की. लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में होंगे. मतों की गणना 23 मई को होगी.

भाजपा के महासचिव राम माधव त्रिपुरा के पार्टी नेताओं के साथ भी बातचीत करेंगे. राज्य की दो लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि माधव राज्य में भाजपा की सहयोगी पार्टी स्वदेशी पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईएनपीटी) के साथ भी बातचीत करेंगे, जिन्होंने हाल ही में घोषणा की थी कि वह राज्य में लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी.पार्टी महासचिव अविनाश खन्ना राय के साथ भाजपा महासचिव बुधवार को त्रिपुरा का दौरा करेंगे.

बीजेपी के एक सीनियर नेता ने बताया कि राम माधव बुधवार को लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए आ रहे हैं. चुनाव प्रचार के लिए रणनीति और दो लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों के चयन पर भी चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि भाजपा ने दो लोकसभा सीटों- पश्चिम त्रिपुरा और पूर्वी त्रिपुरा से चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

आईएनपीटी की केंद्रीय कार्यकारी समिति (सीईसी) की बैठक में घोषणा की गई है कि वह राज्य की दोनों लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेगी. माधव यात्रा के दौरान आईएनपीटी के एक प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात करेंगे. आईएनपीटी के सहायक महासचिव मंगल देबबर्मा ने मंगलवार को कहा कि हम कम से कम एक लोकसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ना चाहते हैं, क्योंकि सीईसी ने अपनी मंजूरी दे दी है.