नई दिल्ली: मोदी लहर पर सवार बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 6 राज्यों में क्लीन स्वीप किया था. जिन राज्यों में बीजेपी ने 100 फीसदी सीटें जीती थीं उन राज्यों में उसका सीधा मुकाबला कांग्रेस से था. ये 6 राज्य थे गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और गोवा. क्या 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी अपने उसी प्रदर्शन को दोहरा पाएगी. डालते हैं एक नजर

गुजरात- 26 सीटें
पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात में बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप किया था. राज्य की 26 सीटें बीजेपी के खाते में गई थीं. हालांकि गुजरात में दिसंबर 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी. 2014 की तुलना में 2019 में समीकरण बदले हैं. लेकिन कांग्रेस पार्टी छोड़कर जा रहे नेताओं से परेशान है. हालांकि हार्दिक पटेल के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है. निश्चित तौर पर इससे कांग्रेस को मजबूती मिलेगी. भले ही कांग्रेस गुजरात में बीजेपी को क्लीन स्वीप करने से रोक दे लेकिन अभी भी पलड़ा बीजेपी का भारी दिख रहा है.

राजस्थान-25 सीटें
राजस्थान बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य की 25 सीटों पर क्लीन स्वीप किया था. उस समय राज्य में बीजेपी की सरकार थी. हालांकि इस बार समीकरण बदल गए हैं. राज्य में कांग्रेस की सरकार है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के कंधों पर बीजेपी को रोकने की जिम्मेदारी है. वहीं विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्ता गंवा चुकी बीजेपी हार से सबक लेते हुए 2014 के अपने प्रदर्शन को दोहराना चाहेगी लेकिन इस बार राज्य में क्लीन स्वीप करना बहुत मुश्किल है.

उत्तराखंड-05 सीटें
पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उत्तराखंड की पांचों सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी का शानदार प्रदर्शन जारी रहा. उसने राज्य की 70 में से 57 सीटों पर जीत दर्ज की. खुद कांग्रेस के मुख्यमंत्री हरीश रावत को अपनी सीट गंवानी पड़ी थी. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा सकती है. राज्य में बीजेपी की सरकार होने से पार्टी मजबूत स्थिति में है.

हिमाचल प्रदेश-04
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया था. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस से राज्य की सत्ता छीन ली थी. राज्य की 68 सीटों में से बीजेपी ने 44 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं कांग्रेस को 21 सीटें मिली थी. राज्य के ज्यादातर लोग सेना और अर्धसैनिक बलों में हैं ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक का फायदा बीजेपी को मिल सकता है और वह अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा सकती है.

दिल्ली-07
2014 के लोकसभा चुनाव में देश की राजधानी दिल्ली की सातों सीटें बीजेपी के खाते में गई थीं. हालांकि एक साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने विधानसभा की 70 सीटों में से 67 सीटें अपने नाम कर ली थी. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ आने की संभावना थी लेकिन दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं. यानी दिल्ली में मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. इसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है. इसके अलावा गोवा की दोनों सीटें बीजेपी के खाते में गई थीं. इसके अलावा बीजेपी ने अंडमान निकोबर, चंडीगढ़, दादर नगर हवेली, दमन और दीव में भी क्लीन स्वीप किया था.