नई दिल्ली: बिहार में एनडीए के खिलाफ बन रहे गठबंधन में शामिल होने से बीएसपी प्रमुख मायावती ने इनकार कर दिया है. बीएसपी ने लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के ऑफर को ठुकरा दिया है. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक लखनऊ में हुई मीटिंग में फैसला लिया गया कि बिहार की 40 सीटों पर बीएसपी अपने उम्मीदवार उतारेगी. बिहार के बीएसपी नेताओं को इस बारे में जानकारी दे दी गई है. यह मीटिंग लोकसभा चुनाव की तैयारी और उसकी रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई थी. दो महीने पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने लखनऊ में मायावती से मुलाकात की थी.

बीएसपी का यह फैसला इस मुलाकात के दो महीने बाद आया है. तेजस्वी यादव ने मायावती के जन्मदिन पर उसने मुलाकात के बाद गठबंधन में शामिल होने का ऑफर दिया था. बीएसपी के एक नेता ने अखबार को बताया कि पार्टी बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. बीएसपी के इस नेता ने बताया कि सोशल इंजीनियरिंग के आधार पर पार्टी ने 10 सीटों की पहचान की है. बीएसपी के इस फैसले पर आरजेडी के एक नेता का कहना है कि जब 13 जनवरी को तेजस्वी यादव ने लखनऊ में मायावती से मुलाकात की थी उस दौरान उन्होंने मायावती को गठबंधन में शामिल होने का ऑफर दिया था, लेकिन औपचारिक तौर पर बीएसपी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला.

इस नेता का कहना है कि अगर मायावती की पार्टी बिहार में गठबंधन का हिस्सा बनती तो विपक्ष को उन आधा दर्जन सीटों पर फायदा मिलता जो यूपी बॉर्डर पर हैं. आरजेडी के नेता का कहना है कि हो सकता है कि गठबंधन में कांग्रेस के होने की वजह से मायावती ने यह फैसला लिया हो. बता दें कि मंगलवार को हुई बीएसपी की मीटिंग में मायावती ने फैसला किया था कि वह कांग्रेस के साथ किसी भी राज्य में गठबंधन नहीं करेंगी.

दो साल पहले लालू प्रसाद यादव ने मायावती को बीजेपी भगाओ, देश बचाओ रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, लेकिन मायावती ने इनकार कर दिया था. हालांकि जनवरी में तेजस्वी यादव ने जब मायावती से मुलाकात की थी तो बीएसपी प्रमुख ने कहा था कि हम भी इनके साथ हैं. सही समय आने पर गठबंधन को लेकर एलान किया जाएगा. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी ने 7.65 लाख वोट हासिल किए थे. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीएसपी को 7.88 लाख वोट मिले हालांकि पार्टी दोनों ही चुनावों में कोई सीट नहीं जीत पाई थी.