नई दिल्ली: 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव का एलान हो चुका है. देश की दो सबसे बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस 8 राज्यों में आमने-सामने होंगी. इनमें से तीन बड़े राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है, वहीं 5 राज्यों गुजरात, असम, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की सरकार है. 543 लोकसभा सीटों में से सिर्फ 124 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुकाबला है. बीजेपी को फिर से सत्ता में वापसी करने के लिए इन राज्यों में 2014 के अपने प्रदर्शन को दोहराना होगा वहीं अगर कांग्रेस बीजेपी को केंद्र सी सत्ता से बेदखल करना चाहती है तो उसे इन राज्यों में हर हाल में बीजेपी को रोकना होगा.

मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. हालांकि वह पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी, लेकिन राज्य में सरकार बनाने में सफल रही थी. राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है, लेकिन यह कहना मुश्किल है कि वह बीजेपी को कितनी कड़ी टक्कर दे पाएगी. विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कांग्रेस से ज्यादा वोट मिले थे. दोनों पार्टियों में सीटों का अंतर भी बहुत कम था. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 29 में 26 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं कांग्रेस को सिर्फ तीन सीटों से संतोष करना पड़ा था.

राजस्थान
राजस्थान बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य की 25 सीटों पर क्लीन स्वीप किया था. उस समय राज्य में बीजेपी की सरकार थी. हालांकि इस बार समीकरण बदल गए हैं. राज्य में कांग्रेस की सरकार है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के कंधों पर बीजेपी को रोकने की जिम्मेदारी है. वहीं विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्ता गंवा चुकी बीजेपी हार से सबक लेते हुए 2014 के अपने प्रदर्शन को दोहराना चाहेगी.

छत्तीसगढ़
राज्य की 11 सीटों में से 10 पर इस समय बीजेपी का कब्जा है. 2014 के मोदी लहर में ये राज्य पूरी तरह से भगवा हो गया था. सिर्फ एक सीट पर कांग्रेस जीत पाई थी. हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 90 विधानसभा सीटों में से 68 पर जीत हासिल कर इतिहास रच दिया था. अगर बीजेपी को रोकना है तो कांग्रेस को अपने उसी प्रदर्शन को दोहराना होगा. राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में कांग्रेस लोकसभा का चुनाव लड़ रही है. दोनों पार्टियों के बीच कांटे का टक्कर देखने को मिलेगा.

गुजरात
पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात में बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप किया था. राज्य की 26 सीटें बीजेपी के खाते में गई थीं. लेकिन गुजरात में दिसंबर 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी. 2014 की तुलना में 2019 में समीकरण बदले हैं. लेकिन कांग्रेस पार्टी छोड़कर जा रहे नेताओं से परेशान है.हालांकि हार्दिक पटेल के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है. निश्चित तौर पर इससे कांग्रेस को मजबूती मिलेगी.

हरियाणा
दिल्ली से सटे राज्य हरियाणा में लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की थी. लोकसभा की 10 सीटों में से 7 सीटें बीजेपी के पास हैं. वहीं कांग्रेस के पास एक और इनेलो के खाते में 2 सीटें हैं. हाल ही में हुए विधानसभा के उपचुनाव में भी बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया था. बीजेपी के सामने 2014 के लोकसभा चुनाव के अपने प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती है.

हिमाचल प्रदेश
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 4 में से तीन सीटें जीती थीं. कांग्रेस को एक सीट मिली थी. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस से सत्ता छीन ली थी. राज्य की 68 सीटों में से बीजेपी ने 44 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं कांग्रेस को 21 सीटें मिली थी. राज्य के ज्यादातर लोग सेना और अर्धसैनिक बलों में हैं ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक का फायदा बीजेपी को मिल सकता है.

उत्तराखंड
पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उत्तराखंड की पांचों सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी का शानदार प्रदर्शन जारी रहा. उसने राज्य की 70 में से 57 सीटों पर जीत दर्ज की. खुद कांग्रेस के मुख्यमंत्री हरीश रावत को अपनी सीट गंवानी पड़ी थी. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा सकती है.

असम
पूर्वोतर का वह राज्य जहां बीजेपी ने 50 प्रतिशत सीटें जीती थीं. वहीं कांग्रेस को तीन और अन्य को 4 सीटें मिली थीं. राज्य में बीजेपी की सरकार है और इस बार वह अपने प्रदर्शन को सुधारना चाहेगी.वहीं कांग्रेस इस बार अकेले चुनाव लड़ रही है.