नई दिल्लीः सीवोटर और आईएएनएस के दूसरे दौर के मत सर्वेक्षण में, पहले दौर के सर्वेक्षण की तुलना में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सीटों के मामले में थोड़ा बदलाव हुआ है. 10 मार्च को कराए गए पहले दौर के सर्वे की तुलना में एनडीए के मत प्रतिशत (वोट शेयर) में बढ़ोतरी देखी गई है. सर्वे के मुताबिक, चुनाव पूर्व गठबंधन के आधार पर एनडीए को कुल 261 सीटें मिलने का अनुमान है. 10 मार्च के सर्वे में ये सीटें 264 थीं. दोनों ही स्थिति में यह बहुमत से थोड़ा कम है. दूसरे दौर के सर्वे के मुताबिक, भाजपा अकेले 241 सीटें जीतने जा रही है.

सीवोटर के सर्वे के मुताबिक, चुनाव पूर्व गठबंधन के आधार पर यूपीए, एनडीए से बहुत पीछे है. यूपीए के हिस्से कुल 143 सीटें आती दिख रही हैं. इसमें कांग्रेस की 91 और उसके सहयोगी दलों की 52 सीटें हैं. इस महीने के शुरू में हुए सर्वे में कांग्रेस के खाते में 86 और उसके सहयोगियों के खाते में 55 सीटें आई थीं.

‘द स्टेट ऑफ द नेशन मार्च 2019 वेव-2 ओपीनियन पोल’ में संबंधित हफ्ते में 10280 लोगों से उनकी राय पूछी गई. सर्वेक्षण में इस साल पहली जनवरी से 543 लोकसभा क्षेत्रों के 70 हजार लोगों से राय पूछी जा चुकी है.

सर्वेक्षण के मुताबिक, सत्ता की चाबी चुनाव बाद के गठबंधन के पास दिख रही है और इसमें एनडीए की संभावनाएं बहुत बलशाली हैं, क्योंकि उसे कम सीटों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है. वोट शेयर के मामले में एनडीए को काफी बढ़त मिलती दिख रही है. यूपीए के 30.9 फीसदी मत प्रतिशत के मुकाबले उसे 31.1 फीसदी मतदाताओं का समर्थन मिलता दिख रहा है.