नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव प्रचार में नेता कुछ ज्यादा ही बढ़ चढ़कर बोलते हैं, लेकिन संवैधानिक पदों पर बैठे लोग जब विवादित बयान देते हैं तो मामला चिंतनीय हो जाता है. कुछ ऐसा ही हुआ है उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के एक बयान को लेकर. योगी ने सोमवार को एक जनसभा में भारतीय सेना को ‘मोदीजी की सेना’ बता दिया. इस बयान को सेना का अपमान माना जा रहा है. भारत की सेना किसी पार्टी विशेष के लिए काम नहीं करती. वह देश की सेना है. उनके इस बयान पर राजनीति भी तेज हो गई है.

योगी के इस बयान से आहत पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल एल रामदास ने चुनाव आयोग का रूख करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि सैन्य बल किसी व्यक्ति से नहीं जुड़ा है. उन्होंने दावा किया कि कई पूर्व और सेवारत सैनिक उनकी टिप्पणी पर नाराज हैं.

एडमिरल रामदास ने कहा कि सैन्य बल किसी व्यक्ति से नहीं जुड़ा हुआ है, वे देश की सेवा करते हैं. चुनाव होने तक मुख्य चुनाव आयुक्त बॉस हैं. मैं इस संबंध में चुनाव आयोग जा रहा हूं. लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एच एस पनाग ने भी कहा कि यह हैरान करने वाली टिप्पणी नहीं है क्योंकि पिछले पांच साल में कई नेताओं ने इस तरह की टिप्पणी करते हुए राष्ट्रवाद को सैन्य बलों से जोड़ने की कोशिश की है.

(इनपुट- भाषा)