सहारनपुर/अमरोहाः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस, सपा और बसपा पर आतंकवाद को मदद पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये दल दुनिया के सामने बेनकाब हो रहे पाकिस्तान के पक्ष की बातें करके वहां ‘हीरो’ बनने की होड़ कर रहे हैं. मोदी ने अमरोहा में आयोजित रैली में कहा, ‘जब पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो रहा है तो ये उसके पक्ष की बात कर रहे हैं, वहां पर हीरो बनने की स्पर्द्धा कर रहे हैं. कांग्रेस हो, सपा, बसपा हो, आतंकवाद पर इसी नरम रवैये की वजह से कुछ लोगों के हौसले बुलंद हुए हैं. इन दलों ने सिर्फ आतंक की ही मदद नहीं की है, इन्होंने आपके जीवन और अस्तित्व को संकट में डाला है.’

मुस्लिम बहुल सहारनपुर में मोदी ने तीन तलाक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के कुचक्र से मुक्ति दिलाकर उनका जीवन सुरक्षित करने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी ऐसा नहीं चाहते. उन्होंने कहा, ‘मैं मुस्लिम बेटियों से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस, सपा, बसपा के राज में मुस्लिम महिलाओं का शोषण जारी रहेगा. ये तीन तलाक के खिलाफ कानून को भी अनुमति नहीं देंगे. और हम जो अध्यादेश लाएं हैं उसे पारित नहीं होने देंगे.’

प्रधानमंत्री ने सहारनपुर से कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद द्वारा वर्ष 2014 में अपने खिलाफ दिये गये ‘बोटी काट देंगे’ वाले बयान की याद दिलाते हुए कहा, ‘यहां तो बोटी—बोटी करने वाले लोग शहजादे (कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी) के बड़े चहेते हैं. उन पर उन्हें ज्यादा ही प्यार आता है. याद रखियेगा वो बोटी बोटी की धमकी देने वाले लोग हैं और हम बेटी बेटी को सुरक्षा और सम्मान देने वाले लोग हैं.’

मोदी ने कांग्रेस के घोषणापत्र को ‘ढकोसला पत्र’ करार देते हुए कहा कि इस पार्टी ने वादा किया है कि बेटियों के साथ राक्षसी अपराध करने वालों को भी अब जेल से जमानत मिल जाएगी. आप बताएं कि क्या ऐसे राक्षसों को जमानत मिलनी चाहिये? क्या देश ऐसे लोगों को माफ करेगा?

मोदी ने उत्तर प्रदेश में सपा—बसपा—रालोद के गठबंधन पर तंज करते हुए कहा कि कुछ लोग अलग—अलग जातियों के नाम पर समाज और देश में खाई पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. प्रदेश की जनता इन्हें पहले भी करार जवाब दे चुकी है. उन्होंने कांग्रेस पर पिछड़ा विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में राजीव गांधी ने मंडल कमीशन का विरोध किया था. कांग्रेस को तो ओबीसी आयोग पर भी एतराज है.

प्रधानमंत्री ने सितम्बर 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों में प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार और केन्द्र की कांग्रेसनीत संप्रग सरकार की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा, ‘आपको अच्छी तरह पता है कि यहां भी देश को बांटने वाला खेल कैसे खेला जा रहा है. याद करिये कि जब दिल्ली में महामिलावट की सरकार थी, और यहां सपा की सरकार थी, तब उन्होंने एक प्रयोग मुजफ्फरनगर में किया था. जात-पात के आधार पर कैसे कैसे जुल्म हुए. आप उन्हें याद रखोगे ना.’

मोदी ने मुजफ्फरनगर से गठबंधन के प्रत्याशी रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह पर हमला करते हुए कहा कि दंगों के वक्त सिंह अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिये वह चुप रहे और आज भी अपने स्वार्थ के लिये क्षेत्र में आप पर हुए अत्याचारों को भूल गये. उनके बेटे जयंत चौधरी तो और भी आगे निकल गये.

प्रधानमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में अहम मुद्दा बनने वाले बकाया गन्ना मूल्य का भी जिक्र किया और कहा गन्ना किसानों को जल्द से जल्द बकाया मिले, इसका ध्यान योगी सरकार पूरी संवेदनशीनलता से रख रही है. आने वाले समय में बकाया मूल्य न फंसने पाये, इसलिये लिये व्यापक काम हो रहा है. एथेनॉल निर्माण के लिये संयंत्र लगाये जा रहे हैं.

मोदी ने कहा कि इस बार का चुनाव सिर्फ एक सांसद का नहीं है. यह भारत की नीति—रीति, यहां की संतानों के भविष्य का चुनाव है. इस चुनाव में एक तरफ आपका यह चौकीदार है और दूसरी तरफ दावेदारों की लम्बी सूची है, जिनके पास सिर्फ एक ही नीति है ‘मोदी हटाओ’ और ‘वंशवाद बढ़ाओ’. नया भारत आतंकवादियों को घुसकर मारेगा, या पहले की तरह हर तरह के घाव झेलता रहेगा. इस चुनाव में आपको चुनना पड़ेगा.