बिहार सरकार की पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा, पूर्व विधायक पूनम देवी और मधेपुरा से 2014 में भाजपा के प्रत्याशी रहे विजय कुमार कुशवाहा सहित कई नेताओं ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. रेणु कुशवाहा ने कहा कि वह अगला कदम साथियों से बातचीत कर उठाएंगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कुशवाहा समाज की उपेक्षा की है. बीजेपी ने एक भी कुशवाहा नेता को लोकसभा के लिए टिकट नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि आज भाजपा की आंतरिक आत्मा समाप्त हो गई है. आपको बता दें कि रेणु कुशवाहा 2014 में नीतीश कैबिनेट के उद्योग मंत्री रहते अचानक इस्तीफा दे दिया था.

वैसे जब उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की थी तो सीएम नीतीश ने उन्हें मनाने की काफी कोशिश की थी, लेकिन वह नहीं मानीं और जदयू छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गई थीं. दरअसल, बीजपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में रेणु कुशवाहा के पति विजय कुमार कुशवाहा को मधेपुरा से उम्मीदवार बनाया था. लिहाजा उन्होंने मंत्री पद छोड़कर अपने पति के प्रचार में जुट गईं थीं. रेणु कुशवाहा खगड़िया से सांसद रह चुकी हैं. वह काफी समय तक नीतीश सरकार में मंत्री भी रहीं. इस बार भी वह खगड़िया से चुनाव लड़ना चाहती थीं लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला.

रेणु कुशवाहा ने आगे कहा की बीजेपी के बड़े नेताओं से मुलाकात नहीं हो पाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऊपर- ऊपर ही टिकट बांट दिया जाता है. समाज के लोग जब लोकसभा में नहीं जाएंगे तो समाज की बात कौन उठाएगा? उनके पति विजय कुमार कुशवाहा ने कहा की बीजेपी में करोड़ों रूपये लेकर टिकट बेचने का काम किया गया है. पूर्व विधायक पूनम पटेल ने कहा कि नीतीश कुमार ने भाजपा को भारत जलाओ पार्टी बोला था, आज उसी के साथ हैं. भाजपा सरकार समाज को बांटने में लगी है.