Lok Sabha Chunav 2019 लोकसभा चुनाव की मतगणना शुरू हो गई है. कुछ देर के बाद देशभर की सीटों के रुझान आने शुरू होंगे. चुनाव के सात चरणों के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल के अनुमानों में एनडीए की अगुवाई में एक बार फिर मोदी सरकार बनने का अनुमान लगाया गया है. अगर मतगणना के नतीजे भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में रहे तो यह न सिर्फ भाजपा या पीएम नरेंद्र मोदी के लिए रिकॉर्ड चुनाव होगा, बल्कि इन नतीजों (Election Result) को देश में गैर-कांग्रेसी सरकारों के इतिहास का भी नया अध्याय कहा जाएगा. जी हां, अगर नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह भाजपा के ऐसे नेता बन जाएंगे, जिन्हें लगातार 5 साल तक केंद्र में सरकार चलाने के बाद दोबारा इस पद पर आने का मौका मिलेगा. वहीं, किसी गैर-कांग्रेसी सरकार के लिए भी लगातार दूसरी बार केंद्र की सत्ता हासिल करने का यह रिकॉर्ड होगा.

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हालांकि नरेंद्र मोदी से पहले भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी को तीन बार प्रधानमंत्री पद पर बैठने का मौका मिला था, लेकिन उनके दो कार्यकाल काफी छोटे रहे हैं. प्रधानमंत्री के रूप में वाजपेयी ने अपना तीसरा कार्यकाल पूरा किया था. वे 1999 से लेकर 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे. लेकिन 2004 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार आ गई और अगले दो कार्यकाल तक कांग्रेस पार्टी ही सत्ता में रही. किसी गैर-कांग्रेसी सरकार के रूप में 1977 में जनता पार्टी और 1989 में जनता दल की सरकार के कार्यकाल को भी याद किया जाता है, लेकिन इन दोनों ही सरकारों ने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया था. ऐसे में नरेंद्र मोदी के सामने गैर-कांग्रेसी पार्टी या गठबंधन को लगातार दूसरी बार केंद्र की सत्ता दिलाने का यह सुनहरा मौका है. हालांकि अब से कुछ देर बाद जब लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Chunav) के नतीजे (Election Result) पूरी तरह से सामने आएंगे, तब जाकर ही इसका पता चल पाएगा.

राहुल गांधी के लिए भी अहम है यह चुनाव
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए भी 2019 का लोकसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण है. 2017 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी के अध्यक्ष पद पर आसीन होने वाले राहुल गांधी की छवि, विपक्ष के कद्दावर नेता के रूप में बनती है या नहीं, इस चुनाव के नतीजे इसकी भी भविष्यवाणी करेंगे. पिछले साल पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में 3 राज्यों में कांग्रेस पार्टी को मिली जीत ने राहुल गांधी के कद को थोड़ी ऊंचाई दी थी. इसके तुरंत बाद ही इस साल हुए लोकसभा चुनाव के नतीजे (Lok Sabha Election Result 2019) अगर कांग्रेस पार्टी के पक्ष में आते हैं, तो यह राहुल की राजनीति में मील का पत्थर माने जाएंगे.

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राहुल गांधी की राजनीति को लेकर यह चुनाव इसलिए भी अहम हो जाते हैं, क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन देश की आजादी के बाद सबसे शर्मनाक रहा था. कभी लोकसभा की 400 से ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी 2014 के चुनाव में महज 44 सीटों पर आकर सिमट गई थी. इसके बाद राहुल गांधी ने तमाम आलोचना और निंदा झेलते हुए 5 साल का समय बिताया है. अब अगर इस लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election Result 2019) में भी उनकी पार्टी का प्रदर्शन नहीं सुधरा, तो कांग्रेस के लिए आने वाले दिन काफी मुश्किल भरे होने वाले हैं. देश के कई राज्यों में क्षेत्रीय दलों के रहमो-करम पर टिकी कांग्रेस पार्टी को इस चुनाव में अगर अपेक्षित सफलता नहीं मिलती है, तो आने वाले समय में इसके अस्तित्व को लेकर बहस शुरू हो जाएगी.