नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में 21 विपक्षी दलों ने सभी चुनाव क्षेत्रों में कम से कम 50 फीसदी ईवीएम का मिलान वीवीपैट से करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है जिसपर आज सुनवाई होगी. याचिका में VVPAT की गिनती पर चुनाव आयोग के दिशानिर्देश को चुनौती दी गई. वर्तमान में प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में केवल 10 प्रतिशत VVPAT का ही मिलान किया जाएगा. इसका मतलब यह है कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र की मशीनों से वीवीपैट का मिलान किया जाएगा. विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि आने वाले आम चुनावों में 100 प्रतिशत वीवीपीएटी स्थापित मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा इसलिए ईवीएम से छेड़छाड़ की चिंताओं के बीच वीवीपीएटी की कम से कम 50 प्रतिशत मतों की गिनती होनी चाहिए.

याचिका में कहा गया है कि इससे ईवीएम की सुरक्षा का भी आश्वासन मिलेगा क्योंकि परिणाम यह बताएंगे कि ईवीएम का किसी तरह का दुरुपयोग नहीं किया गया है. चुनाव आयोग ने एक सर्वदलीय बैठक के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा किए गए एक समान प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था जहां कुछ राजनीतिक दलों ने पेपर बैलट की वापसी की मांग की थी. आयोग ने हाल ही में चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए दावा किया कि ईवीएम में कोई खराबी नहीं है. क्योंकि एक ही ईवीएम ने अलग-अलग चुनावों में इस्तेमाल किए जाने पर अलग-अलग परिणाम दिए हैं.

याचिका में नायडू के साथ शामिल अन्य विपक्षी नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शरद पवार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अलावा कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा शामिल हैं. इनके अलावा रालोद नेता अजीत सिंह, जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव, भाकपा नेताओं टीके रंगराजन और सुवाराम सुधाकर रेड्डी, टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन, डीएमके नेता एमके स्टालिन, राजद नेता मनोज कुमार झा, जनता दल (सेक्युलर) के नेता दानिश अली, एआईयूडीएफ नेता एम बदरुद्दीन अजमल, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता जितिन राम मांझी, नागा पीपुल्स फ्रंट के नेता केजी केने और दो अन्य हैं.

बता दें कि विपक्ष में शामिल 21 दलों ने सोमवार को चुनाव आयोग से लोकसभा चुनाव के दौरान सभी चुनाव क्षेत्रों में कम से कम 50 फीसदी ईवीएम का मिलान संगत वीवीपैट से करने की मांग की है. कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी समेत 21 दलों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर के साथ एक ज्ञापन चुनाव आयोग को सौंपा गया है, जिसमें नवंबर-दिसंबर के दौरान पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के संबंध में संदेहास्पद गतिविधियों का जिक्र किया गया है. ज्ञापन के अनुसार, ईवीएम और स्ट्रांग रूम के असुरक्षित होने के उदाहरण मिलने और तिकड़म किए जाने की खबरें हैं.