नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के मौसम में एक तरफ जहां कई फिल्मी सितारे विभिन्न राजनीतिक दलों में शामिल होकर अपना सियासी करियर बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं बिहार में भी बॉलीवुड की दुनिया का एक सितारा अपना राजनीतिक करियर बनाने उतरा है. हालांकि सियासी सफर की शुरुआत के लिए उसने किसी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय दल पर निर्भर होने के बजाय, खुद की पार्टी खड़ी की है. बिहार की आबादी में लगभग 14 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाली मल्लाह जाति के नेता के तौर पर खुद को स्थापित करने की कोशिशों में जुटे इस नेता का नाम है मुकेश सहनी (Mukesh Sahani). सहनी खुद को ‘सन ऑफ मल्लाह’ (Son Of Mallah) कहलाना पसंद करते हैं. बॉलीवुड की फिल्मों में सेट डिजाइनर के तौर पर काम करने वाले मुकेश सहनी कांच (शीशा) से बनने वाले सेट तैयार करते हैं. फिल्मों में कांच का महल तैयार करते-करते ही सहनी को अपने समाज का खेवनहार बनने का आईडिया आया और वे अपनी जन्मभूमि बिहार आ गए.

फिल्मों की दुनिया में नेपथ्य में रहकर कई वर्षों तक काम करने वाले मुकेश सहनी पूर्वी बिहार की खगड़िया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. लोकसभा चुनाव से महज 5-6 महीने पहले अपनी पार्टी, विकासशील इंसान पार्टी (VIP), बनाने वाले सहनी, महागठबंधन के उन घटक दलों में शामिल हैं, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाईटेड (JDU) और लोजपा (LJP) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से टक्कर ले रही है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में मुकेश सहनी ने बताया कि बिहार में मल्लाह जाति के लोगों की संख्या करीब 21 लाख है. इन लोगों को इनका हक दिलाने के लिए ही सहनी ने राजनीति में उतरने का फैसला किया है. अपने समाज और इसके ‘वोट’ पर सहनी को कितना भरोसा है, इसका अंदाजा सियासी जानकारों को उस समय हुआ, जब महागठबंधन में सीट बंटवारे के तहत VIP को 3 सीटें दी गईं. महागठबंधन में VIP के अलावा राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस (Congress), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM), रालोसपा (RLSP) और सीपीआई (एमएल) शामिल है.

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खुद के दम पर कायम की मिसाल
बिहार के दरभंगा में जन्मे मुकेश सहनी का शुरुआती सफर आसान नहीं रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में 38 वर्षीय सहनी ने बताया, ’18 साल की उम्र में मैंने घर छोड़ दिया था. बिहार से निकलकर मैं मुंबई पहुंचा और वहां तस्वीरों पर कांच की फ्रेम चढ़ाने वाले की दुकान में काम करने लगा. वहीं पर रहकर मैंने कांच की कारीगरी सीखी और बाद में खुद का बिजनेस स्थापित किया.’ फिल्मों में काम मिलने के सवाल पर मुकेश सहनी ने बताया, ‘फोटो-फ्रेम की दुकान में काम करते हुए मैं अक्सर फिल्मसिटी स्टूडियो के चक्कर लगाया करता था. मुझे इस बात से बेहद तकलीफ होती थी कि अपने चहेते कलाकारों को नजदीक से देखने का मौका नहीं मिल पाता था, क्योंकि फिल्मसिटी में जाने का परमिशन नहीं मिलता था. लेकिन लंबे अर्से तक मुंबई में रहने के बाद आखिरकार मुझे अपनी मंजिल मिल गई. मुझे फिल्मों में काम मिलने लगा.’

मुकेश सहनी ने बॉलीवुड के चर्चित सेट डिजाइनर- नितिन देसाई, साबू सिरिल जैसी हस्तियों के साथ काम किया है. उन्होंने कई चर्चित और सुपरहिट फिल्मों में सेट डिजाइन किए हैं. सहनी ने बताया, ‘संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास में पारो की हवेली का सेट हो या सलमान खान की फिल्म बजरंगी भाईजान, मैंने फिल्म इंडस्ट्री के सभी सुपरस्टारों के साथ काम किया है.’ आपको बता दें कि अगले कुछ दिनों में रिलीज होने जा रही मल्टीस्टारर फिल्म ‘कलंक’ के सेट्स डिजाइन करने में भी मुकेश सहनी की कंपनी ने अपनी भूमिका निभाई है. मुंबई के मलाड में स्थित स्वप्नलोक टावर में पत्नी कविता और दो बच्चों के साथ रहने वाले मुकेश सहनी ने बताया कि उन्होंने अपने दम पर अपनी हैसियत बनाई है. आगामी चुनाव में भी वे अपना यही ‘दम’ दिखाना चाहते हैं. इसलिए जब अखबार ने उनसे चुनाव लड़ने के लिए मुंबई का घर गिरवी रखकर पैसा जुटाने से जुड़ा सवाल किया तो सहनी ने इससे साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, ‘मैंने जो संपत्ति अर्जित की है, वह अपने दम पर हासिल की हुई है. कोई मुझे यह नहीं बता सकता कि मैं अपना पैसा किस तरह खर्च करूं. इसलिए चुनाव लड़ने को लेकर शुरुआत में भले ही घरवालों ने आपत्ति की, लेकिन बाद में वे भी मेरे साथ आ गए.’

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दो साल पहले शुरू हुआ सियासी सफर
बिहार की राजनीति में मुकेश सहनी अभी पुराने नहीं हुए हैं. अलबत्ता उनके नाम की चर्चा कुछ साल पहले तब हुई जब पहली बार प्रदेश की राजधानी पटना में उन्होंने निषाद सम्मेलन का आयोजन किया. टाइम्स ऑफ इंडिया को उन्होंने बताया, ‘मैंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का सहयोग किया था. मैंने भाजपा को मल्लाह बहुल कई सीटें जीतने में मदद की, क्योंकि उन्होंने भरोसा दिलाया था कि वे बिहार में निषाद समाज के लिए आरक्षण दिलाएंगे. लेकिन भाजपा से मुझे नाउम्मीदी ही मिली. पार्टी ने मेरी और मेरे समाज की भावनाओं का आदर नहीं किया.’ इस बार के लोकसभा चुनाव से पहले राजदनीत महागठबंधन से जुड़ने के सवाल पर सहनी ने कहा, ‘राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव से मेरी इसी मुद्दे पर बात हुई है. मुझे पूरा भरोसा है कि वे अपनी कही बातों को निभाएंगे. इसलिए मैं महागठबंधन का हिस्सा बना.’ आपको बता दें कि मुकेश सहनी जिस खगड़िया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां आगामी 23 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के तहत मतदान होना है. सहनी के खिलाफ मैदान में खगड़िया से मौजूदा लोजपा सांसद चौधरी महबूब अली कैसर हैं.