Lok Sabha Election Results 2019: अपने क्रिकेट करियर की तरह राजनीति में आगाज के साथ ही कई उतार चढाव झेलने वाले टीम इंडिया के सर्वश्रेष्ठ ‘ओपनर’ में से एक गौतम गंभीर चुनाव की पिच पर शानदार ओपनिंग करते हुए पूर्वी दिल्ली सीट से बीजेपी के टिकट पर अभी 3,90,391 मतों से आगे चल रहे हैं. Also Read - पश्चिम बंगाल में फिर से शुरू हो सकती है वोटों की गिनती, BJP जाएगी कोर्ट! TMC है वजह

गंभीर का सामना कांग्रेसी दिग्गज अरविंदर सिंह लवली और आम आदमी पार्टी की आतिशी से था, जिन्होंने चुनावी अभियान के दौरान उन पर कई तरह के आरोप भी लगाए थे. बतौर क्रिकेटर अपनी लोकप्रियता, सामाजिक सरोकार और मोदी लहर के दम पर चुनाव में गंभीर अपने पदार्पण मैच में ही नाबाद सैकड़ा जड़ने जा रहे हैं. Also Read - UP: भाजपा ने पीएम मोदी के करीबी MLC एके शर्मा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया, दो सचिवों की भी नियुक्ति की

चुनाव से एक महीना पहले ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए गंभीर ने चुनाव आयोग द्वारा जारी रूझानों के बाद ट्वीट में लिखा , ”यह ना तो लवली कवर ड्राइव और ना ही आतिशी बल्लेबाजी, बल्कि भाजपा की गंभीर विचारधारा को लोगों का समर्थन है . सभी को धन्यवाद.” Also Read - Ghaziabad: बुजुर्ग की पिटाई के मामले में सपा नेता उम्‍मेद पहलवान दिल्‍ली में अरेस्‍ट

गंभीर ने आगे लिखा, ”इस चुनाव में अरविंद केजरीवाल ने अपना जमीर और ईमान खोया है और आठ महीने में अपनी सत्ता खोएगा. जितना कीचड़ आप ने दिल्ली में फैलाया है, उतना ही कमल दिल्ली में खिलेगा.”

गंभीर का इशारा मतदान से ठीक पहले आतिशी और आप द्वारा उन पर महिला विरोधी पर्चे बंटवाने के आरोपों पर था. आतिशी ने गंभीर पर उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसे पर्चे बांटने का आरोप लगाया और वह प्रेस कांफ्रेंस में रो भी पड़ी थी. गंभीर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर यह पूरी साजिश रचने का आरोप लगाते हुए चुनौती दी थी कि या तो वे आरोप साबित करें या राजनीति छोड़ दें. इससे पहले भी उन्होंने गंभीर पर दो वोटर आई डी रखने के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की सिफारिश भी की थी.

गंभीर 22 मार्च को ही भाजपा में शामिल हुए. उनका यह फैसला हालांकि चौकाने वाला नहीं रहा, क्योंकि देश और समाज से जुड़े मसलों पर उनकी बेबाक टिप्पणियों के चलते, उनके राजनीति में आने के कयास काफी समय से लगाए जा रहे थे.

पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पत्र के बाद ये अटकलें तेज हो गई थीं, जिसमें उन्होंने क्रिकेट से संन्यास के बाद गंभीर को भारतीय क्रिकेट टीम के लिये उनके प्रदर्शन को लेकर बधाई देते हुए कहा था कि भविष्य में कई दूसरी पारियों का इससे आगाज होगा.

मोदी ने पत्र में लिखा था, इस निर्णय से एक नहीं, बल्कि आपके जीवन की कई दूसरी पारियां शुरू होंगी. आपके पास अन्य पहलुओं पर काम का समय और अवसर होगा, जिसके लिए पहले आपको समय नहीं मिल रहा था.”

दिल्ली के राजिंदर नगर इलाके में रहने वाले और बाराखम्बा रोड स्थित माडर्न स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले एवं दो बार के आईपीएल विजेता टीम (केकेआर) के कप्तान गंभीर क्रिकेट के मैदान पर भी अपने आक्रामक तेवरों के लिये विख्यात थे . कई बार क्रिकेट पंडितों को उनकी आक्रामकता नागवार भी गुजरी लेकिन उनके साथी खिलाड़ियों को बखूबी पता था कि यह उनका जोश बढ़ाने के लिये थी .

आठ साल पहले वानखेड़े स्टेडियम पर विश्व कप फाइनल में खेली गई 97 रन की पारी हो या 2007 में पहले टी20 विश्व कप फाइनल में 54 गेंद में बनाए 75 रन हों, गौतम गंभीर हमेशा ही बड़े मैचों के खिलाड़ी रहे हैं और राजनीति की पेचीदा पिच पर भी उन्होंने धुआंधार पारी खेलने के संकेत दे डाले हैं.