नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के तहत 14 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 117 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं. चुनाव का यह तीसरा दौर कई मायनों में खास है, क्योंकि विभिन्न दलों के कई वीआईपी उम्मीदवारों का भविष्य मंगलवार को ईवीएम में कैद हो जाएगा. इन हस्तियों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, समाजवादी पार्टी के दिग्गज मुलायम सिंह यादव, राकांपा की सुप्रिया सुले, पप्पू यादव और शरद यादव आदि शामिल हैं. गुजरात से लेकर असम और केरल से लेकर उत्तर प्रदेश तक की इन सभी लोकसभा सीटों के परिणाम पर सियासी जानकारों की नजरें टिकी रहेंगी. लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में चुनाव लड़ रहे इन दिग्गज हस्तियों पर आइए नजर दौड़ाते हैं.

राहुल गांधीकांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने सियासी करियर में पहली बार दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं. यूपी की अमेठी के अलावा राहुल गांधी इस बार केरल की वायनाड लोकसभा सीट से भी पार्टी के उम्मीदवार हैं. मंगलवार को केरल की सभी 20 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं. पिछली बार इस सीट पर कांग्रेस के ही एमआई श्रीनिवास ने सीपीआई के उम्मीदवार को हराया था. इस लिहाज से कांग्रेस अध्यक्ष के लिए यह सीट सुरक्षित मानी जा रही है.

अमित शाह – भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह यूं तो पार्टी में कई बार अध्यक्ष पद पर चुने जाते रहे हैं, लेकिन चुनावी राजनीति में वे पहली बार उतरे हैं. अमित शाह ने अपने लिए उस गांधीनगर सीट का चुनाव किया है, जहां से भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी संसद के लिए चुने जाते रहे हैं. इस लिहाज से यह गांधीनगर सीट भाजपा के लिए सुरक्षित तो है, मगर शाह इस सीट से कितने मतो के अंतर से चुनाव जीतते हैं, यह जानकारों के लिए मायने रखेगा.

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मुलायम सिंह यादव – समाजवादी पार्टी को फर्श से अर्श पर पहुंचाने वाले मुलायम सिंह यादव अपनी परंपरागत मैनपुरी संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. सियासी मजबूरियां हैं कि उन्हें वर्तमान हालात में कट्टर प्रतिद्वंद्वी मायावती के साथ मिलकर चुनाव लड़ना पड़ रहा है. संभवतः यह चुनाव मुलायम के लिए आखिरी चुनाव भी है. वे इस सीट से लगातार चुने जाते रहे हैं. ऐसे में 2019 का लोकसभा चुनाव वे कितने मतों के अंतर से जीतते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण रहेगा.

सुप्रिया सुले – मराठा-छत्रप शरद पवार ने महाराष्ट्र की अपनी परंपरागत बारामती लोकसभा सीट, बेटी सुप्रिया सुले के लिए छोड़ दी थी. सुप्रिया 2014 के चुनाव में भी मोदी-लहर के बावजूद यहां से भारी मतों के अंतर से चुनाव जीती थीं. इस बार का चुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र की अपनी रैलियों या सभाओं में लगातार शरद पवार पर हमलावर रहे हैं. ऐसे में सियासी जानकार इस सीट का परिणाम कैसा होगा, यह जानने के लिए इस पर नजरें टिकाए रहेंगे.

जया प्रदा – लोकसभा चुनाव से पहले ही रामपुर संसदीय सीट पर उतरे दिग्गजों के बीच की जुबानी-जंग ने यहां का चुनाव महत्वपूर्ण बना दिया है. भाजपा की उम्मीदवार और पूर्व सपा नेता जया प्रदा के लिए यहां से चुनाव जीतना किसी चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ सपा के दिग्गज नेता आजम खान मैदान में हैं. 2014 के मोदी-लहर में यह सीट भाजपा के खाते में गई थी. लेकिन इस बार सपा-बसपा का गठबंधन, भाजपा की राह में बड़ा रोड़ा है. ऐसे में जया प्रदा इस सीट को भाजपा के लिए बचा पाती है या नहीं, यह देखना रोचक होगा.

पप्पू यादव – बिहार की मधेपुरा लोकसभा सीट पर भी मंगलवार को वोट डाले जा रहे हैं. इस बार यहां पर जनअधिकार पार्टी के नेता और मौजूदा सांसद पप्पू यादव के खिलाफ राजद की तरफ से शरद यादव मैदान में हैं. बिहार में चल रही सियासी बयार के बीच इस सीट पर चुनाव त्रिकोणीय हो गया है, क्योंकि पप्पू और शरद के बीच राजग की तरफ से जदयू उम्मीदवार भी ताल ठोंक रहे हैं. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तीन नेताओं की जंग में जनता किसे अपना सांसद चुनती है.

संबित पात्रा – टीवी चैनलों पर अपने धारदार भाषण से भाजपा के पक्ष में मत बनाने वाले संबित पात्रा, लोकसभा चुनाव के रण में ओडिशा की पुरी संसदीय सीट से ताल ठोंक रहे हैं. उनके खिलाफ बीजू जनता दल के नेता और यहां के पूर्व सांसद पिनाकी मिश्रा मैदान में हैं. इस सीट पर कांग्रेस की तरफ से सत्यप्रकाश नायक भी लड़ाई में बने हुए हैं. देखना रोचक होगा कि आगामी 23 मई को आने वाला चुनाव परिणाम इन तीनों में से किस नेता के पक्ष में अपना फैसला सुनाता है.

मल्लिकार्जुन खड़गे – लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के दिग्गज मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक की कलबुर्गी लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं. मोदी-लहर के बावजूद वे इस सीट से पिछली बार भी सांसद चुने गए थे. उनके खिलाफ मैदान में हाल ही में भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व एमएलए उमेश जाधव हैं. इस बार जबकि सियासी हवा बदल चुकी है, देखना रोचक होगा कि कांग्रेस का यह दिग्गज अपनी चुनावी जीत के इस क्रम को बरकरार रख पाता है या नहीं.

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