नई दिल्ली: बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे ने शुक्रवार को कहा कि एक समय जो उपद्रवी तत्व कम्युनिस्टों के साथ हुआ करते थे, वे अब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. उन्होंने कहा कि वाम एवं तृणमूल कांग्रेस ने महज बिल्ले बदले हैं, जबकि वास्‍तविकता में वे एकसमान हैं. राज्यसभा सदस्य सहस्रबुद्धे ने बीजेपी के सभी वादों के पूरा होने का दावा करते हुए कहा, भाजपा का एकमात्र लक्ष्य जो हासिल नहीं हो सका वह है अनुच्छेद 370 और इसमें संवैधानिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है, जिसे राज्यसभा में बहुमत के बगैर नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हर चीज के लिए कानून वाली वामपंथी मानसिकता को बदलने की जरूरत है.

बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव ने यह बात पब्लिक पालिसी रिसर्च सेंटर (पीपीआरसी) द्वारा भाजपा नीत केंद्र सरकार के बारे में तैयार रिपोर्ट कार्ड को जारी करने के अवसर पर कही. उन्होंने कहा कि अगला रिपोर्ट कार्ड पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस सरकार के बारे में होगा. इस रिपोर्ट को 18 अप्रैल को होने वाले लोक सभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले अगले सप्ताह जारी किया जाएगा.

राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे ने दावा किया, ”लोग 30 साल के वाम शासन में बदलाव की चाहत के साथ तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में लाए थे किंतु बदले में उन्हें कुछ भी नहीं मिला. भाजपा नेता ने कहा, ” उन्होंने ‘मां, माटी, मानुस’ की बात की थी और हमने भी उम्मीद की थी कि वह एक अनुभवी नेता हैं और वह बदलाव लाएंगी. बहरहाल, 2011-16 तथा 2016 से अब तक हमने देखा कि ‘मां, मानुस और माटी’ की बात महज एक बात थी. वास्तव में यह महज वोट बैंक की राजनीति है.

पीपीआरसी के निदेशक सहस्रबुद्धे ने कहा, वोट बैंक कम्युनिस्टों के साथ था. उपद्रवी तत्व जो उनके साथ थे वे अब पाला बदलकर ममता के साथ शामिल हो गए. इसीलिए वाम का बिल्ला बदल गया है. तृणमूल आयी, किंतु लोग वहीं हैं, तौर तरीका वही है, हिंसा का. वे यहां आए बांग्लादेशियों को अपना वोट बैंक समझते हैं इसीलिए यहां के लोग भयभीत हैं. इसीलिए लोग अपने वोट का उपयोग इस आतंक के विरूद्ध करेंगे.

बीजेपी नेता सहस्रबुद्धे ने दावा किया कि बीजेपी ने 2014 के चुनावी घोषणापत्र में किए गए अपने सभी वादों को सफलतापूर्वक लागू किया है. केवल उन्हीं वादों को लागू नहीं किया जा सका जिनमें संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता थी जिसके लिए पार्टी को राज्यसभा में बहुमत की जरूरत है. यह दावा शुक्रवार को

पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर द्वारा समाज, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सत्तारूढ़ दल के रिपोर्ट कार्ड ‘दिस इज हाउ बीजेपी वाक्स द टॉक’ को जारी करते हुए सहस्रबुद्धे ने कहा, हम सशक्तिकरण में विश्वास करते हैं न कि केवल हक में. अब काम पर ध्यान है. रिपोर्ट के मुताबिक मुद्रा योजना के तहत 17 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है, जन धन योजना के तहत 35 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं और सौभाग्य योजना के तहत तीन करोड़ घरों में बिजली दी गई है.