रांची: केंद्र में बीजेपी की नरेंद्र मोदी को हटाने का सपना संजोए कुछ पार्टियों का महागठबंधन झारखंड में टूट के कगार पर खड़ा हो गया है. राज्‍य में भाजपा नीत राजग गठबंधन के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा, झारखंड विकास मोर्चा और कांग्रेस ने रविवार को महागठबंधन बनाकर सीट बंटवारे की घोषणा तो कर दी, लेकिन बनने के साथ ही इसमें बिखराव की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि आरजेडी ने अपने लिए छोड़ी गई एकमात्र पलामू की सीट स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. बता दें कि भाजपा और आज्सू के गठबंधन को इस बार विपक्षी महागठबंधन से मुकाबला करना होगा, जिसमें मुख्य विपक्षी झामुमो, कांग्रेस, और बाबूलाल मरांडी की झारखंड विकास मोर्चा भी शामिल हैं.

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार ने रांची में झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन, झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की उपस्थिति में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में घोषणा की कि महागठबंधन की ओर से कांग्रेस राज्य की चौदह में से सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा चार सीटों पर और झारखंड विकास मोर्चा दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. उन्होंने बताया कि महागठबंधन में पलामू की एक सीट राष्ट्रीय जनता दल के लिए छोड़ी गई है.

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आरजेडी ने किया साफ, ये पार्टी को स्वीकार्य नहीं है
हालांकि, संवाददाता सम्मेलन में आरजेडी की ओर से कोई भी उपस्थित नहीं था और इसके बारे में पूछने पर अजय कुमार ने कहा कि महागठबंधन बनाने का उद्देश्य भाजपा को सत्ता से बेदखल करना है और उन्हें विश्वास है कि राजद एक सीट पर चुनाव लडने को राजी हो जाएगा. इस बीच आरजेडी की ओर से प्रदेश महासचिव संजय सिंह ने साफ कह दिया कि महागठबंधन में सीटों का बंटवारा बिना राजद की सहमति के एकतरफा ढंग से किया गया है जो उनकी पार्टी को स्वीकार्य नहीं है.

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आरजेडी अन्‍य सीटों पर भी उम्‍मीदवार उतार सकता है
आरजेडी महासचिव ने कहा कि राजद का रुख साफ है और वह पलामू के अलावा चतरा से भी अपना उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारेगी. उन्होंने कहा कि यदि महागठबंधन चतरा सीट भी राजद को नहीं देता है तो राजद राज्य की अन्य सीटों पर भी अपने उम्मीदवार उतारने के बारे में निर्णय ले सकता है.

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कांग्रेस के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव लड़े जाएंगे
संवाददाता सम्मेलन में घोषित समझौते के अनुसार कांग्रेस के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव लड़े जाएंगे, जबकि दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी झामुमो के नेतृत्व में लड़़े जाएंगे. कांग्रेस जिन सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी उनमें रांची, खूंटी, लोहरदगा, सिंहभूम, हजारीबाग, धनबाद एवं चतरा लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं. जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा पिछले चुनाव में जीती गई दुमका और राजमहल सीटों के अलावा गिरिडीह और जमशेदपुर से भी अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारेगी. इसके अलावा बाबूलाल मरांडी की झारखंड विकास मोर्चा गोड्डा तथा कोडरमा सीटों से चुनाव लड़़ेगी. तीनों पार्टियों ने तय योजना के अनुसार पलामू की लोकसभा सीट राष्ट्रीय जनता दल के लिए छोड़ दी है.

पिछले चुनाव में बीजेपी ने राज्‍य में 12 सीटें जीती थीं
साल 2014 की मोदी लहर में भाजपा ने झारखंड में अपने बूते 14 में से 12 सीटें जीती थीं और शेष दो सीटें मुख्य विपक्षी झारखंड मुक्ति मोर्चा की झोली में गई थीं. झामुमो के विजय कुमार हंसदा ने राजमहल सीट और पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन ने दुमका सीट जीती थी. झारखंड में सत्रहवीं लोकसभा के लिए चार चरणों में लोकसभा चुनाव होने हैं और 29 अप्रैल को तीसरे चरण से यहां मतदान प्रारंभ होगा.

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भाजपा ने आज्सू के लिए गिरिडीह लोकसभा सीट छोड़ी
भाजपा ने आज्सू के लिए गिरिडीह लोकसभा सीट छोड़ दी है जहां से वह अपने उम्मीदवार चंद्रप्रकाश चौधरी को चुनाव लड़ा रही है. चौधरी वर्तमान राज्य सरकार में मंत्री हैं. शेष तेरह सीटें भाजपा स्वयं लड रही है. इनमें से 10 के लिए पार्टी ने रविवार को अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए, जबकि चतरा, कोडरमा एवं रांची की सीटों के लिए अभी पार्टी ने अपने उम्मीदवार नहीं घोषित किए हैं.