मुंबई. महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच आखिर समझौता हो गया है. दोनों पार्टियां साल 2019 के लिए सीटों का बंटवारा कर चुकी हैं. लेकिन, चुनाव की घोषणा से पहले बीजेपी के प्रति शिवसेना के सख्त रवैये, नरेंद्र मोदी की आलोचना और खुद को बड़ा भाई दिखाने की लगातार जिन तीन सीटों पर दोनों पार्टियों के समर्थकों में गहरी खाई बना दी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमरावती, युवतमल-वाशिम और चंद्रपुर में बीजेपी और शिवसेना एक दूसरे के लिए ही मुश्किलें पैदा कर रही हैं. Also Read - बीजेपी का बड़ा आरोप- दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने 60 प्रतिशत कम की कोरोना टेस्टिंग, इसीलिए बढ़ रहे मामले

चंद्रपुर की बात करें तो यहां से सांसद केंद्रीयमंत्री हंसराज अहिर हैं. वह चार बार इस सीट से सांसद चुने जा चुके हैं. इस बार उनके सामने कांग्रेस के केंडिडेट सुरेश धनोरकर हैं. वह शिवसेना से विधायक थे और चुनाव के ठीक पहले ही इस्तीफा देकर कांग्रेस ज्वाइन किए थे. दूसरी तरफ इसी लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीट से विधावक और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री सुधीर मुगंतीवर से भी अहीर के रिश्ते ठीक नहीं रहने के बारे में लगातार चर्चा होती रहती है. ऐसे में इस सीट को जीतने के लिए बीजेपी और शिवसेना को लिए सबसे पहले आंतरिक लड़ाई को खत्म करने की कवायद करनी पड़ेगी. Also Read - पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राजीव गांधी की प्रतिमा पर कालिख पोती, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दूध से साफ की

युवतमल-वाशिम
युवतमल-वाशिम में शिवसेना आंतरिक लड़ाई लड़ रही है. यहां से पार्टी सांसद भावना गौली 5वीं जीत के लिए संघर्ष कर रही हैं तो उनके राह में रोड़ा क्षेत्रीय शिवसेना नेता और राज्य सरकार में मंत्री संजय राठोर हैं. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच मराठा बनाम बंजारा कास्ट को लेकर तनाव है. वहीं, दूसरी तरफ इस सीट पर सत्ता विरोधी लहर भी देखने को मिल रही है. Also Read - WB Assembly Election: मतुआ समुदाय पर ममता बनर्जी की नजर, इस दिन करेंगी रैली, जानें यह क्यों हैं खास

अमरावती
अमरावती में शिवसेना ने आनंदराव अदसुल तीसरी बार चुनाव मैदान में हैं. इस सीट पर कांग्रेस और एनसीपी ने नवनीत कौर राणा को सपोर्ट कर रही हैं. ऐसे में यह सीट बहुत महत्वपूर्ण होती दिख रही है. वह क्षेत्रीय निर्दल विधायक रवि राणा की पत्नी हैं. उनकी नजदीकी सीएम देवेंद्र फडणवीस से है. ऐसे में इस सीट पर सेना और बीजेपी आंतरिक लड़ाई में उलझी हुई हैं.