नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव प्रचार के क्रम में आपत्तिजनक बयान देने या बड़बोले नेताओं पर निर्वाचन आयोग भले लगाम लगाने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन आयोग की यह मुहिम सफल होती नहीं दिख रही है. कुछ ही दिन पहले यूपी के फायरब्रांड नेता आजम खान, सीएम योगी आदित्यनाथ, भाजपा सांसद मेनका गांधी और बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने को लेकर आयोग ने कार्रवाई की थी. आयोग ने इन नेताओं पर 48 घंटे से लेकर 72 घंटे तक के लिए चुनाव प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था. लेकिन बयान-वीर नेता हैं कि मान ही नहीं रहे. इसी क्रम में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने भी एक चुनावी सभा में तीखा बयान दिया है.

कश्मीर में सेना के जवानों के लिए ‘कवच’ बना था जो शख्स, आज कर रहा चुनाव ड्यूटी

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सांसद मनोज सिन्हा ने लोकसभा चुनाव प्रचार के क्रम में अपनी एक सभा में भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने वालों को खुलेआम चेतावनी दी है. गाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे सिन्हा ने चुनावी सभा में अपने संबोधन के दौरान कहा कि अगर किसी ने गाजीपुर में आकर भाजपा के कार्यकर्ताओं को उंगली या आंख दिखाई तो उसे सलामत नहीं रहने दिया जाएगा. मनोज सिन्हा ने बीते गुरुवार को गाजीपुर की चुनावी सभा में कहा, ‘बीजेपी के कार्यकर्ता अपराध-अर्जित धन और भ्रष्टाचार को जमींदोज करने को तैयार हैं. मैं कहना चाहता हूं कि अगर किसी की उंगली बीजेपी के कार्यकर्ता की तरफ दिखी तो भरोसा रखिए 4 घंटे में वो उंगली सलामत नहीं रहेगी.’

भाजपा कार्यकर्ताओं को परेशान करने की खबरों से मनोज सिन्हा इतने दुखी थे कि वह इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने अपने भाषण में आगे कहा, ‘कोई पूर्वांचल का अपराधी किसी की औकात नहीं है कि गाजीपुर की सीमा में आकर के बीजेपी के कार्यकर्ता की तरफ आंख दिखाएगा तो वो आंख सलामत नहीं रहेगी.’ केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा द्वारा सरेआम दी गई इस चेतावनी को लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए उन्हीं भाषणों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन पर निर्वाचन आयोग ने पूर्व में आपत्ति जाहिर की है.

लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें India.com