मथुरा: जीतें या हारें, हेमा मालिनी का ये आखिरी चुनाव हो सकता है. हेमा मालिनी ने खुद ही एलान कर दिया है कि वह इस चुनाव के बाद चुनावी राजनीति का हिस्सा नहीं रहेंगी. आगे वह चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि वह युवाओं को मौका देना चाहती हैं. इसलिए ये मेरा आखिरी चुनाव होगा. बता दें कि मथुरा से भाजपा उम्मीदवार हेमा मालिनी ने सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी के समक्ष नामांकन दाखिल किया. सीएम योगी आदित्यनाथ उनका नामांकन कराने पहुंचे थे. Also Read - मध्य प्रदेश उपचुनाव: कमल नाथ का शिवराज पर तंज- अपने क्षेत्र का विकास न कर पाने वाला प्रदेश की तस्वीर क्या बदलेगा, मेरे क्षेत्र को देखो

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इस दौरान हेमा मालिनी एलान कर दिया कि वे अगली बार स्वयं चुनाव न लड़कर युवाओं को आगे आने का मौका देंगी. उन्होंने कहा कि खुद संगठन के कार्य करना पसंद करेंगी. मथुरा लोकसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरा आखिरी चुनाव है. मैं इसके बाद कोई चुनाव नहीं लड़ूंगी और इसकी जगह संगठन में रहकर जनता की भलाई के कार्य करना चाहूंगी.’ Also Read - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सेना का पाकिस्तान में खौफ: भाजपा

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उन्होंने कहा, ‘‘बरसों से मेरा सपना था कि मैं मथुरा के लिए कुछ कर सकूं. इसलिए, पिछले पांच वर्षों में काफी-कुछ करने की कोशिश की. लेकिन, अभी बहुत कुछ करना रह गया है. उम्मीद करती हूं कि यहां की जनता मुझे वह सब भी करने का मौका देगी. मैं इस नगरी को कृष्ण काल के समान ही भव्य एवं दिव्य नगरी बनाना चाहती हूं.’ पर्चा भरने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वृन्दावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना की. ठाकुरजी का आशीर्वाद लेकर हेमा मालिनी ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपना नामांकन दाखिल किया.

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उल्लेखनीय है कि हेमा मालिनी ने 16वीं लोकसभा के लिए 2014 में हुए चुनाव में तत्कालीन सांसद जयंत चैधरी को तीन लाख 30 हजार से भी अधिक मतों से शिकस्त देकर यह सीट राष्ट्रीय लोकदल से हासिल की थी. उनके खिलाफ यहां से कांग्रेस ने महेश पाठक को उम्मीदवार बनाया है. सपा-बसपा के गठबंधन समर्थित राष्ट्रीय लोकदल ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है.