नई दिल्ली. एक नाटकीय घटनाक्रम में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने रविवार की सुबह अपनी पार्टी के समर्थक मतदाताओं से अपील की कि वे अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं के पक्ष में मतदान करें. यूपी की अमेठी लोकसभा सीट से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं रायबरेली संसदीय सीट से संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी हैं. मायावती ने रविवार की सुबह मीडिया के साथ बातचीत में अपनी पार्टी के समर्थक वोटरों से यह अपील की. मायावती ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि भाजपा को हराने के लिए रायबरेली और अमेठी के उनके वोटर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पक्ष में ही मतदान करेंगे.

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बसपा प्रमुख मायावती ने मतदाताओं को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की साजिशों से सचेत रहने की भी सलाह दी. उन्होंने यूपी में भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी (SP) के साथ गठबंधन करने की रणनीति को लेकर भी अपनी बातें रखीं. मायावती ने कहा, ‘हमने देश में जनहित में खासकर भाजपा और आरएसएस जैसी ताकतों को कमजोर करने के लिए यूपी में अमेठी-रायबरेली लोकसभा सीट को कांग्रेस पार्टी के लिए छोड़ दिया. ये दोनों सीट इसलिए हम लोगों ने छोड़ दिया ताकि इसके दोनों सर्वोच्च नेता दोनों सीटों से ही फिर से चुनाव लड़ें और इन दोनों सीटों में उलझकर न रह जाएं और फिर कहीं बीजेपी इसका फायदा यूपी के बाहर कुछ ज्यादा न उठा ले.’ मायावती ने आगे कहा, ‘इसे खास ध्यान में रखकर ही, हमारे गठबंधन ने दोनों सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी थी. मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे गठबंधन का एक-एक वोट हर हालत में दोनों कांग्रेस नेता को मिलने वाला है.’

बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के पक्ष में की गई इस अपील को लेकर सियासी जानकारों का मानना है कि यह उत्तर प्रदेश की सियासत में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है. चुनावी भाषणों में मायावती और अखिलेश यादव, कांग्रेस और पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमले करते रहे हैं. वहीं, राहुल गांधी भी अपनी कई चुनावी सभाओं या रैलियों में सपा-बसपा प्रमुखों के खिलाफ बयान देते रहे हैं. लेकिन ऐन चुनाव से एक दिन पहले बसपा सुप्रीमो का सोनिया गांधी और राहुल गांधी के लिए अपील करना, महत्वपूर्ण बात है. सियासी जानकार मायावती के इस बयान को प्रभावी असर डालने वाला बता रहे हैं. खासकर पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा के आक्रामक प्रचार अभियान को देखते हुए मायावती की यह अपील सियासी गलियारों में हलचल मचाने वाला है.