चेन्नई: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस की न्यूनतम आय योजना (न्याय) को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और पांच करोड़ परिवारों को धीरे-धीरे इसके दायरे में लाया जाएगा. चिदंबरम ने चेन्‍नई में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमने आय योजना को लेकर अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ पर्याप्त विचार-विमर्श किया है. उन्होंने सहमति जताई है कि भारत के पास इस योजना को लागू करने की क्षमता है.

5 करोड़ परिवारों को 6000 प्रति माह की आय देना चाह‍िए 
चिदंबरम ने कहा कि हमने लोगों के अलग-अलग वर्गों के सभी कारकों-आय को ध्यान में रखकर समझा है कि उपभोक्‍ता पैटर्न, गरीबी से ऊपर एक परिवार को रखने के लिए क्या आवश्यक है. हमने निष्कर्ष निकाला है कि भारत सरकार और राज्यों को 5 करोड़ परिवारों को 6000 प्रति माह की आय सहायता प्रदान करनी चाहिए, जिसका अर्थ है प्रत्येक परिवार को 72,000 रुपए.

भारत सरकार और सभी राज्यों का व्यय लगभग 60 लाख करोड़
पूर्व वित्‍तमंत्री ने न्यूनतम आय गारंटी योजना पर कहा कि भारत सरकार और सभी राज्यों का व्यय लगभग 60 लाख करोड़ रुपए है, राजस्व लगभग 18% बढ़ रहा है, इसलिए केंद्रीय और राज्य सरकार को उपलब्ध राशि लगभग 5 वर्ष में दोगुनी हो जाएगी. इसलिए हमारा मानना ​​है कि भारत में इस क्षेत्र को लागू करने की क्षमता है.

5 साल में भारत की जीडीपी का आकार 400 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा
पूर्व वित्‍तमंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का आकार आज 200 लाख करोड़ रुपए है और साधारण रूप से यह 12% प्रति वर्ष तक बढ़ जाएगी. लगभग 6 साल में यह दोगुना हो जाएगा तो 2019-2024 के बीच 5 साल में भारत की जीडीपी का आकार 200 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 400 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा.

रघुराम राजन का मानना है कि इस योजना को लागू करना संभव है
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना के लिए आवंटन सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 1.8 प्रतिशत के बराबर रहने की उम्मीद है. पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का मानना है कि इस योजना को लागू करना संभव है. चिदंबरम ने कहा कि यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी और हम कई चरणों में पांच करोड़ परिवारों को इससे जोड़ेंगे.

योजना को लागू करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाएगी
चिदंबरम ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन से पहले जमीनी स्तर पर इसका परीक्षण किया जाना है. चिदंबरम ने कहा कि न्याय योजना को लागू करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाएगी और “हम अगले चरण में जाने से पहले समिति के साथ विचार-विमर्श करेंगे.” उन्होंने कहा कि पांच करोड़ परिवारों की पहचान करने के लिए पर्याप्त आंकड़े हैं.