नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता के मामले में मिली शिकायत के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें नोटिस जारी कर एक पखवाड़े के भीतर इसपर उनका ‘तथ्यात्मक रुख’ पूछा है. वहीं, नागरिकता से जुड़ी शिकायत पर गृह मंत्रालय द्वारा राहुल गांधी को नोटिस जारी किए जाने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल जन्मजात भारतीय नागरिक हैं, लेकिन फर्जी विमर्श के जरिए बेरोजगारी एवं कृषि संकट जैसे असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है.

गृह मंत्रालय ने एक पत्र में कहा कि उसे बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से अर्जी मिली है. उसमें कहा गया है कि राहुल गांधी ब्रिटेन में 2003 में पंजीकृत कंपनी बैकऑप्स लिमिटेड के डायरेक्टर्स में शामिल थे. दरअसल, राहुल गांधी की नागरिकता के मामले में मिली शिकायत के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें नोटिस जारी कर एक पखवाड़े के भीतर इस पर उनका तथ्यात्मक रूख पूछा है.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा क‍ि पूरी दुनिया जानती है कि राहुल जन्मजात भारतीय नागरिक हैं. मोदी जी के पास बेरोजगारी, कृषि संकट और कालेधन के मुद्दों पर कोई जवाब नहीं है. ऐसे में वह ध्यान भटकाने के लिए अपनी सरकार के माध्यम से फर्जी विमर्श गढ़ रहे हैं.


गृह मंत्रालय ने एक पत्र में कहा कि उसे भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से अर्जी मिली है. उसमें कहा गया है कि राहुल गांधी ब्रिटेन में 2003 में पंजीकृत कंपनी बैकऑप्स लिमिटेड के डायरेक्टर्स में शामिल थे. मंत्रालय के अनुसार, स्वामी का कहना है कि ब्रिटिश कंपनी के 10 अक्टूबर, 2005 और 31 अक्टूबर, 2006 को भरे गए वार्षीक टैक्स रिटर्न में गांधी की जन्म तिथि 19 जून, 1970 बतायी गई है. उसमें गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताया गया है.

सोमवार को जारी नोटिस के अनुसार, इसके अलावा 17 फरवरी, 2009 को इस कंपनी की परिसमापन अर्जी में भी आपकी नागरिकता ब्रिटिश बतायी गई है.. आपसे अनुरोध किया जाता है कि इस संबंध में आप एक सप्ताह के भीतर अपना तथ्यात्मक रूख मंत्रालय के समक्ष स्पष्ट करें.