नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Chunav) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए को मिली जबर्दस्त जीत के बाद उनके संभावित कैबिनेट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि नई कैबिनेट में कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है. दूसरी तरफ स्वास्थ्य के साथ अन्य कारणों से कई मौजूदा मंत्रियों की विदाई हो सकती है. ऐसा भी माना जा रहा है कि कैबिनेट को ज्यादा युवा रखने के लिए बुजुर्ग मंत्रियों की विदाई होगी.

मोदी सरकार में अहम भूमिका में रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली स्वास्थ्य कारणों से कैबिनेट से बाहर रहना पसंद करेंगे. अगर ऐसा होता है तो मौजूदा रेल मंत्री पीयूष गोयल वित्त मंत्रालय की जिम्मेवारी संभालेंगे. पहले भी पीयूष गोयल अंतरिम वित्त मंत्री का कार्यभार संभाल चुके हैं. वैसे वित्त मंत्रालय के लिए अन्य नामों की भी चर्चा है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज फिर से यह जिम्मेवारी निभाएंगी या नहीं, क्योंकि उनका भी स्वास्थ्य बहुत अच्छा नहीं है. अगर नई सरकार में उनको मंत्री बनाया जाता है तो उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनना होगा, क्योंकि उन्होंने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा है.

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ऐसी भी चर्चा है कि अगर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कैबिनेट में शामिल होते हैं तो उनको गृह मंत्री बनाया जा सकता है. मौजूदा गृह मंत्री राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय दिया जा सकता है. राजनीतिक हलकों में इसकी भी चर्चा है कि राजनाथ सिंह को लोकसभा स्पीकर का भी पद दिया जा सकता है. मौजूदा रक्षा मंत्रा निर्माल सीतारमण को नई कैबिनेट में जगह मिलना तय है. अगर ऐसा होता है तो उनको सुषमा स्वाराज की जगह विदेश मंत्रालय दिया जा सकता है.

लोकसभा चुनाव में अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को मात देने वाली कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी को प्रोमोशन मिलना तय है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को भी ज्यादा प्रभावी मंत्रालय मिलने की संभावना है. वह पटना साहिब से जीतकर लोकसभा पहुंच रहे हैं. वह अटल बिहारी सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं. मौजूदा कैबिनेट में भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी के कामकाज की खूब चर्चा रही है. उनके काम के आधार पर उन्हें कैबिनेट में फिर से अहम जिम्मेदारी मिलना तय है.

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को इस बार कैबिनेट रैंक मिल सकता है. वह मोदी की टीम के सबसे प्रमुख मुस्लिम चेहरा हैं. इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान, प्रकाश जावड़ेकर और जेपी नड्डा को भी फिर से मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है.