नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में गुरुवार को वीवीआईपी सहित 8,000 अतिथि शामिल होंगे. यह पहली बार है जब 8,000 अतिथि शपथ ग्रहण समारोह में शरीक होंगे. गुरुवार शाम सात बजे से रात साढ़े आठ बजे तक यह समारोह चलेगा. प्रधानमंत्री और उनकी मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मेजबानी वाले रात्रि भोज में विदेशी गणमान्य लोगों को राष्ट्रपति भवन रसोई का खास व्यंजन ‘दाल रायसीना’ परोसी जाएगी.

राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता अशोक मलिक ने बुधवार को बताया कि शपथ ग्रहण समारोह करीब डेढ़ घंटे का होगा और इसके बाद बिमस्टेक देशों के नेताओं के अलावा उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री सहित लगभग 40 गणमान्य लोगों को रात्रि भोज दिया जाएगा. मलिक ने कहा, यह पहली बार है जब 8,000 अतिथि शपथ ग्रहण समारोह में शरीक होंगे, जो बृहस्पतिवार शाम सात बजे से रात साढ़े आठ बजे तक चलेगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला यह सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा.

मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कार्यक्रम में शामिल होंगे.

अब से पहले, इस तरह के समारोहों में 4,500-5,000 अतिथि शरीक हुए थे. अधिकारी ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में शरीक होने वाले अतिथियों के लिए पनीर टिक्का जैसे हल्के जलपान की व्यवस्था होगी. उन्होंने कहा कि रात्रिभोज में ‘दाल रायसीना’ जैसा व्यंजन परोसा जाएगा.

दाल रायसीना बनाने में इस्तेमाल की जानी वाली मुख्य चीजें लखनऊ से मंगाई गई हैं. इसे करीब 48 घंटे तक पकाया जाता है.
प्रवक्ता ने बताया कि दाल रायसीना की तैयारी मंगलवार को शुरू की गई थी.

बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग उपक्रम (बिमस्टेक) देशों के नेताओं ने प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शरीक होने की पुष्टि की है. मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ और किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सोरोनबे जीनबेकोव ने भी इस कार्यक्रम में शरीक होने की पुष्टि की है.

बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना, नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली, म्यामां के राष्ट्रपति यू विन माइंत और भूटान के प्रधानमंत्री लोटये शेरिंग ने भी समारोह में शरीक होने की पुष्टि की है. थाईलैंड के विशेष दूत जी. बूनराच अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.