Naveen Patnaik: करीब दो दशक से ओडिशा के मुख्यमंत्री पद पर काबिज बीजू जनता दल (BJD) के मुखिया नवीन पटनायक एक बार फिर भारत के सबसे ‘भरोसेमंद’ नेता बनकर उभरे हैं. 2019 के चुनाव में देश भर में चले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड लहर के बीच भी उन्होंने अपने आप को साबित किया है. उनके नेतृत्व में उनकी पार्टी ने राज्य में लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है. ओडिशा में लोकसभा की 21 और विधानसभा की 147 सीट हैं. बीजू जनता दल ने 12 लोकसभा सीट जीतीं, जबकि भाजपा को आठ और कांग्रेस को एक सीट मिली है. राज्य विधानसभा चुनाव में बीजद को 112 सीट मिली हैं, जबकि भाजपा को 23 और कांग्रेस को केवल नौ सीटों पर जीत मिली है. विधानसभा में उनको एक बार फिर दो तिहाईं से अधिक सीटें मिली हैं. वैसे 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां की 20 सीटों पर बीजद ने कब्जा जमाया था, जबकि विधानसभा में उन्हें 117 सीटें मिली थीं.

‘अजेय’ मुख्यमंत्री
ओडिशा में पिछले करीब दो दशक से एक ही व्यक्ति का एकछत्र राज्य है, वो है मुख्यमंत्री नवीन पटनायक. बीजू जनता दल के प्रमुख पटनायक साल 2000 से लगातार राज्य के मुख्यमंत्री हैं. उनकी पार्टी लगातार राज्य में अपना परचम लहराती आ रही है. वर्ष 2000 में भाजपा के साथ गठबंधन में राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभालने वाले पटनायक 2004, 2009 और 2014 के बाद 2019 में अपनी पार्टी को सत्ता में लाने में सफल हुए हैं. बीते चुनाव में इस राज्य पर कांग्रेस और भाजपा दोनों का फोकस रहा. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पीएम मोदी ने यहां पर कई रैलियां कीं. लेकिन समान्य तौर बेहद शांत स्वाभाव वाले नवीन बाबू सबसे भारी पड़ गए. वह एक बार फिर राज्य की कमान संभालने जा रहे हैं. मीडिया और चर्चाओं से दूर नवीन बाबू के पिता बीजू पटनायक एक जाने माने समाजवादी नेता थे. उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में भाग लिया था. वह दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे.