नवादाः इस बार के लोकसभा चुनाव में नवादा संसदीय सीट की खूब चर्चा हो रही है. शुरुआत में यह चर्चा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की वजह से थी, अब चर्चा यहां के जातीय समीकरण को लेकर हो रही है. गिरिराज सिंह ने नवादा से टिकट कटने पर खूब बवाल मचाया था. इस बार यह सीट राजग के घटक दल लोजपा के हिस्से चली गई है. लोजपा ने इस सीट से चंदन सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है, वहीं महागठबंधन की ओर से राजद ने विभा देवी पर दांव लगाया है. अब यहां की लड़ाई दो बाहुबलियों के बीच की हो गई है. चंदन कुमार जहां बाहुबली सूरजभान सिंह के भाई हैं, वहीं विभा देवी विधायक राजबल्लभ यादव की पत्नी हैं. राजबल्लभ एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे हैं. Also Read - Hyderabad Election Result 2020: हैदराबाद नगर निगम चुनाव में बजा बीजेपी का डंका, टीआरएस को फिर मिली सत्ता

नवादा लोकसभा सीट के परिणाम जातीय समीकरण से तय होते रहे हैं. इसी कारण पार्टियां भी उम्मीदवार तय करने में जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखती हैं. पिछले 10 वर्षो से इस सीट पर भाजपा का कब्जा था. 2014 के लोकसभा चुनाव में भूमिहार बहुल इस सीट से भाजपा के गिरिराज सिंह विजयी हुए थे. उन्होंने राजद के राजबल्लभ यादव को हराया था. गिरिराज सिंह को जहां 3,90,248 मत मिले थे, वहीं राजबल्लभ को 2,50,091 मतों से संतोष करना पड़ा था. जद(यू) के कौशल यादव 1,68,217 मतों के साथ तीसरे स्थान पर थे. Also Read - GHMC Eelection Results 2020 Update: पलट गए रुझान, सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही TRS, तीसरे नंबर पर भाजपा!

इस बार नवादा संसदीय सीट से कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला दोनों गठबंधनों के बीच है. नवादा की राजनीति को नजदीक से देखने वाले वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार प्रियदर्शी का कहना है कि इस लोकसभा सीट के परिणाम हमेशा जातीय समीकरण के आधार पर तय होते रहे हैं. उन्होंने कहा, “इस चुनाव में भी कमोबेश यही स्थिति होगी. यहां सबसे अधिक मतदाता भूमिहार जाति के हैं और उसके बाद यादवों की संख्या है. यादव और मुस्लिमों का एकमुश्त मत राजद उम्मीदवार को मिलता है, जबकि भूमिहार और वैश्य मतों की उम्मीद राजग लगाए बैठा है. ऐसे में पिछड़ा और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं का महत्व बढ़ गया है. दोनों गठबंधनों में मुकाबला कड़ा है.” Also Read - Hyderabad Nikay Chunav 2020: रुझानों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत, ओवैसी और टीआरएस धराशायी

नवादा लोकसभा सीट के तहत आने वाली हिसुआ, वारसलीगंज विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है, जबकि रजौली और नवादा पर राजद और गोविंदपुर व बरबीघा विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है. नवादा के वरिष्ठ पत्रकार रमेश कुमार कहते हैं, “दोनों गठबंधनों के बीच मुकाबला फिलहाल बराबरी का है. भूमिहार और यादव मत परिणाम को दिशा देने वाले तो हैं ही, पिछड़ों और अति पिछड़ों के मिश्रित वोट को जो गठबंधन अपनी ओर करने में सफल हुआ, परिणाम उसके पक्ष में होगा.” बिहार में लोकसभा के सभी सात चरणों में मतदान होना है. नवादा में पहले चरण के तहत 11 अप्रैल को मतदान होगा.

(इनपुट- आईएएनएस)