रायपुर. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के समय नक्सली गतिविधियों को लेकर कड़े प्रशासनिक इंतजाम किए गए थे. चुनाव के बाद और नई सरकार के बनते ही नक्सली गतिविधियों में शांति की खबरें आई थीं. लेकिन लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही एक बार फिर नक्सलियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं. यही वजह है कि प्रदेश के गरियाबंद इलाके में बीते दिनों नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी पुरानी शैली में लोगों से चुनाव बहिष्कार करने की अपील की है. अभी जबकि लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के महज तीन दिन ही हुए हैं, प्रदेश में सक्रिय नक्सलियों ने चुनाव बहिष्कार करने के लिए पर्चे बांटने शुरू कर दिए हैं.

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बुधवार को पुलिस को माओवादियों द्वारा आम चुनाव के बहिष्कार का आह्वान करने वाले पर्चे मिले. गरियाबंद के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौड़ ने बताया कि पिपराछेड़ी थानाक्षेत्र के रासेला गांव में बस स्टैंड पर नक्सली पर्चे लगे थे. इन पर्चों में प्रतिबंधित भाकपा माओवादी की ओडिशा राज्य समिति ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का आह्वान किया है. पिपराछेड़ी थानाक्षेत्र ओडिशा की सीमा से सटा है. बता दें कि छत्तीसगढ़ में 11,18 और 23 अप्रैल को मतदान होगा. महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के हिस्से गरियाबंद जिले में दूसरे चरण में 18 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.

राठौड़ ने कहा, ‘‘इसके बारे में सूचना मिलने के बाद एक पुलिस टीम गांव में भेजी गई और पर्चे हटाए गए. यह गांव राजधानी रायपुर से 125 किलोमीटर दूर है.’’ उन्होंने कहा कि गरियाबंद में लंबे समय से नक्सली गतिविधियां नजर नहीं आयीं हैं क्योंकि नक्सली उस क्षेत्र में कमजोर पड़ गए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘अतएव, बस अपनी मौजूदगी का भान कराने के लिए उन्होंने पर्चे लगा दिए हैं और ग्रामीणों के बीच भय का माहौल पैदा करने की कोशिश की है.’’ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हालांकि सुरक्षाबलों को चरमपंथियों का पता लगाने के लिए इलाके में गश्त तेज करने को कहा गया है.

(इनपुट – एजेंसी)