नई दिल्लीः दिल्ली और आसपास के राज्यों में लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच गठबंधन कराने में एनसीपी प्रमुख शरद पवार अहम भूमिका निभा रहे हैं. समाचार एजेंसी एएनआई ने तीनों पार्टियों के सूत्रों के हवाले से ये खबर दी है. सूत्रों का कहना है कि शरद पवार खुद देश भर में भाजपा के खिलाफ एकजुटता का संदेश देने के लिए यह गठबंधन चाहते हैं. Also Read - वैक्सीनेशन को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, अधीर रंजन बोले- आम जनता के टीकाकरण के लिए कोई रोडमैप नहीं

इस बीच आप के साथ संभावित गठबंधन को लेकर दिल्ली कांग्रेस के नेता दो फाड़ हो गए हैं. प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित और उनके तीनों कार्यकारी अध्यक्ष इस संभावित गठबंधन के खिलाफ मुखर हो गए हैं. वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको हर कीमत पर गठबंधन को अमलीजामा पहनाने के मूड में दिख रहे हैं. गठबंधन के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखने के बाद शीला दीक्षित ने मंगलवार को अपने तीनों कार्यकारी अध्यक्षों की देवेंद्र यादव, हारुन यूसुफ और राजेश लिलोथियों की अपने आवास पर एक बैठक बुलाई है. उधर, शीला दीक्षित के पक्ष के जवाब में पीसी चाको ने भी राहुल गांधी को पत्र लिखा है. Also Read - Hyderabad Nikay Chunav 2020: रुझानों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत, ओवैसी और टीआरएस धराशायी

सूत्रों के हवाले से एएनआई ने ये भी कहा है कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने शरद पवार के मध्यस्थ्ता करने के सवाल पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है. इसमें यह भी दावा किया गया है कि कांग्रेस पार्टी आप से गठबंधन के मसले पर अगले 48 घंटे में कुछ फैसला ले लेगी. Also Read - Night Curfew को लेकर दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने किया यह अहम फैसला, जानें क्या है नया आदेश