पटना. बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के ‘खून की नदियां बहा देने वाले’ बयान की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने आलोचना की है. कुशवाहा ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा चुनाव रिजल्ट लूट करने की कोशिश करने के रवैये से सड़कों पर खून बहेगा. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने उनके इस बयान की आलोचना करते हुए इसे महागठबंधन की खीज बताया है. जदयू ने कुशवाहा के बयान के जवाब में कहा है कि उन लोगों ने भी चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं.

राजग के पूर्व साथी कुशवाहा ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था, “पहले मतदान केंद्र लूटा जाता था. अब भाजपा एग्जिट पोल के परिणाम को शस्त्र बनाकर रिजल्ट लूटना चाहती है. ईवीएम को इधर-उधर किए जाने की बातें सामने आई हैं.” उन्होंने कहा कि रिजल्ट लूट की कोई कोशिश हुई तो वे हथियार भी उठाने से परहेज नहीं करेंगे. जनता का आक्रोश संभल नहीं पाएगा. उन्होंने कहा, “वोट की रक्षा के लिए हथियार भी उठाना हो तो उठाइए. आज जो रिजल्ट लूट की कोशिश हो रही है, इसको रोकने के लिए हथियार भी उठाना हो तो उठाना चाहिए.”

वोट की रक्षा को उठाना चाहिए हथियार, खून बहा तो PM मोदी और CM नीतीश होंगे जिम्मेदार: उपेंद्र कुशवाहा

उपेंद्र कुशवाहा ने चेतावनी देते हुए कहा था कि इससे सड़कों पर खून की नदियां बहेंगी. इस बयान के बाद बिहार की सियासत गर्मा गई है. जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता संजय सिंह ने बुधवार को कुशवाहा को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया और कहा, “हम लोगों ने भी चूड़ियां नहीं पहनी हैं. खून बहाने की बात करते हैं. हम लोगों के शरीर में भी खून ही है. फरियाना है फरिया लें.” भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कुशवाहा की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक बताया. उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों को लोकतंत्र में सही नहीं कहा जा सकता.

लोकतांत्रिक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के चिराग पासवान ने कहा कि महागठबंधन एग्जिट पोल के बाद हताशा, निराशा, मायूसी में है. यही कारण है कि ऐसे बयान दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “ऐसे बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत है. ऐसे बयान कहीं से सही नहीं हैं.” उल्लेखनीय है कि सभी चैनलों के एग्जिट पोल में राजग को बढ़त दिखाई गई है.

(इनपुट – एजेंसी)