नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए के नवनिर्वाचित सांसदों के संसदीय दल की बैठक संसद में नरेंद्र मोदी एनडीए के नेता के रूप में चुन लिया गया है. एनडीए के सांसदों ने नरेंद्र मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा और समर्थन किया. इसके बाद नरेंद्र मोदी को एक बार फिर संसदीय दल का नेता चुना गया. वह लगातार दूसरी बार देश के पीएम होंगे. इस दौरान लगातार दूसरी बार होने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2019 के चुनाव ने दिलों को जोड़ने का काम किया है.

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उन्होंने कहा कि ये चुनाव सामाजिक एकता का आंदोलन बन गया. समता और ममता का वातावरण बन गया और इसने इस चुनाव को एक नई ऊंचाई दी है. और जनता ने एक नए युग का आरंभ किया है और हम सब इसके साक्षी हैं. भारत के लोकतंत्र हमें समझना चाहिए. भारत का लोकतंत्र परिपक्व होते चला गया है. सत्ता भाव भारत का मतदाता स्वीकार नहीं करता है. मोदी ने कहा कि जनता ने हमें स्वीकार किया है सेवा भाव के कारण, सेवा भाव खुद में लाएंगे तो सत्ता भाव कम होता जायेगा. और जनता का प्यार बढ़ता जाएगा.

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पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नए भारत के संकल्प को आगे बढ़ाना है. प्रचंड बहुमत से जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं. मुझे नेता के रूप में चुना गया है मैं इसे व्यवस्था का जिससे मानता हूं. मैं भी आपमें से एक हूं. आपके बराबर हूं. हमें कंधे से कंधे मिलाकर चलना है. कोई कन्धा ऐसा चाहिए जो कोई मुसीबत आए तो चोट झेल ले. और मैं उसी कंधे के रूप में हूं. मोदी ने कहा कि देश के गरीबों के साथ छल किया गया.

मोदी ने कहा- इसी तरह से अल्संख्यकों के साथ भी राजनीतिक छल किया गया. वोट बैंक के लिए उन्हें डराया गया. हमें उनका विश्वास जीतना है. जो हमारा विरोध करते हैं, वो भी हमारे हैं. जाति धर्म के आधार पर किसी से भी भेदभाव नहीं किया जाएगा. कंधे से कंधा मिलाकर हमें गरीबी से लड़ना है. पीएम मोदी ने नया नारा दिया कि सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास हमारा नारा है.