नई दिल्ली. नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कांग्रेस की न्याय (NYAY) योजना के बारे में अपनी प्रतिक्रिया को निजी राय बताते हुए चुनाव आयोग से कहा है कि इसे नीति आयोग की प्रतिक्रिया नहीं माना जाए. सूत्रों के अनुसार कुमार ने आयोग को भेजे जवाब में कहा है कि निर्धन आय वर्ग के लोगों को 72 हजार रुपए सालाना न्यूनतम आय देने की कांग्रेस की न्याय योजना की उन्होंने बतौर अर्थशास्त्री आलोचना की थी. समझा जाता है कि इस मामले में आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में कुमार ने कहा कि यह उनकी निजी राय थी. उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में यह प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की थी.
उल्लेखनीय है कि कुमार ने न्याय योजना की आलोचना करते हुए इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया था. इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताने वाली विभिन्न दलों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने 27 मार्च को कुमार से इस पर जवाब तलब किया था. कुमार ने पांच अप्रैल तक विदेश में होने का हवाला देते हुए आयोग से जवाब देने के लिये पांच अप्रैल तक का समय मांगा था. आयोग ने कुमार को दो अप्रैल तक जवाब देने का समय दिया था.
आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कुछ दिनों पहले एलान किया था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो गरीबी हटाने के लिए न्यूनतम आय योजना शुरू की जाएगी. इसके तहत देश के पांच करोड़ सबसे गरीब परिवारों को प्रति माह 6,000 रुपए दिए जाएंगे. बीते दिनों कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में भी इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. कांग्रेस की इस घोषणा की भाजपा नेताओं ने आलोचना की है. भाजपा ने इसे छलावा करार दिया है.
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