नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को अपने पार्टी सहयोगी राम माधव की उस राय से असहमति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा लोकसभा चुनाव में बहुमत के आंकड़े से दूर रह सकती है. गडकरी ने कहा कि भाजपा 300 से ज्यादा सीटों पर कब्जा जमाएगी. गडकरी ने एक साक्षात्कार में कहा कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं और नरेंद्र मोदी फिर से इस शीर्ष पद पर काबिज होंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा को गत पांच वर्षो में मोदी सरकार द्वारा किए गए काम की वजह से स्पष्ट बहुमत प्राप्त होगा. बता दें कि इससे पहले नितिन गडकरी ने कहा था कि यह पार्टी न कभी केवल अटल जी की बनी, न कभी अडवाणी जी की और न ही यह कभी केवल अमित शाह या नरेंद्र मोदी की पार्टी बन सकती है.’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा विचारधारा पर आधारित पार्टी है और यह कहना गलत है कि भाजपा मोदी-केन्द्रित हो गई है

यह पूछे जाने पर कि क्या वह पार्टी महासचिव राम माधव की उस राय से सहमत हैं, जिसमें उन्होंने पार्टी के बहुमत से दूर रह जाने की बात कही है? पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “मैं राम माधव की राय से सहमत नहीं हूं. मेरा मानना है कि हमें अच्छा बहुमत मिलेगा.” माधव ने इस सप्ताह एक साक्षात्कार में कहा था कि अगर हमें अपने दम पर 271 सीटें प्राप्त हो जाएंगी, तो हम बहुत खुश होंगे, जिससे प्रतीत होता है कि वह 543 सदस्यीय लोकसभा में बहुमत के लिए जरूरी 272 सीटों की उम्मीद नहीं कर रहे हैं. इस पर गडकरी ने कहा, “भाजपा इस बार पहले से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगी. राजग को ज्यादा सीटें मिलेंगी. हम निश्चित ही बहुमत पाएंगे और मोदीजी हमारे अगले प्रधानमंत्री होंगे.”

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा- केवल अमित शाह या नरेंद्र मोदी की पार्टी नहीं बन सकती भाजपा

यह पूछ जाने कि वह भाजपा के लिए कितनी सीटों की उम्मीद करते हैं? उन्होंने कहा कि वह 300 से ज्यादा सीटों की उम्मीद करते हैं. भाजपा ने 2014 में 282 सीटों पर कब्जा जमाया था. उन्होंने कहा, “मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि लोग हमारे लिए वोट करेंगे.” गडकरी ने कहा, “मतदाता अलग तरह से सोचते हैं. नौजवान पीढ़ी किसी जाति, धर्म, लिंग, संप्रदाय से नहीं आती है. वे लोग विकास और 21वीं सदी के नए भारत के प्रति समर्पित रहते हैं. इसलिए नौजवान पीढ़ी निश्चित ही भाजपा को वोट देने जा रही है.”

भाजपा को बहुमत न मिलने की स्थिति में वह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं की जारी चर्चा पर उन्होंने कहा, “मेरे पास ऐसा कोई एजेंडा नहीं है..केवल मोदीजी प्रधानमंत्री बनेंगे.” उन्होंने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी का भाजपा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा, “स्वतंत्रता के बाद जीएसटी एक महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों में से एक है. शुरुआत में इसको लेकर कुछ दिक्कतें थीं, लेकिन रोजाना हमने सकारात्मक निर्णय लिए और मुद्दे को सुलझाया. अब लोग बड़े पैमाने पर जीएसटी से संतुष्ट हैं.”

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नोटबंदी पर वरिष्ठ मंत्री ने कहा, “मेरा मानना है कि अर्थव्यवस्था नंबर दो से नंबर एक में बदल गई. लोग टैक्स दे रहे हैं. वे अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं.” उनसे पूछा गया कि नोटबंदी से आतंकवाद नहीं रुका, जबकि प्रधानमंत्री ने आठ नवंबर, 2016 को अचानक लिए गए इस निर्णय की घोषणा के वक्त वादा किया था. गडकरी ने कहा, “इसमें थोड़ा समय लगेगा. हर जगह कुछ तात्कालिक कदम होते हैं, कुछ मध्यकालिक और कुछ दीर्घकालिक कदम होते हैं. यह एक दीर्घकालिक कदम है. वह परिणाम हासिल करने के लिए इसमें हमें थोड़ा समय लगेगा.”

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