प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जदयू के कोटे से किसी भी मंत्री के शामिल नहीं होने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी एनडीए का हिस्सा है. हम उनके साथ हैं. बिना मंत्रिमंडल में शामिल हुए हम उनके साथ हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अपने दम पर बहुमत है. उनके पास अपने दम पर बड़ी संख्या संख्या है.

नीतीश ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके पास सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव आया था. भाजपा नेतृत्व ने उनसे सांकेतिक तौर सरकार में शामिल होने को कहा था. इसी कारण उनकी पार्टी ने इसे स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि जब एक गठबंधन होता है तो उसमें अनुपात में प्रतिनिधित्व होता है. नीतीश ने यह भी कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार सुबह में उनसे बात की थी लेकिन उन्होंने सांकेतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी राय से उन्हें अवगत करा दिया था. भविष्य में मोदी कैबिनेट में शामिल होने की संभावना को लेकर पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होगा तो मीडिया कहेगा कि हम नाराज थे और कुछ विशेष मांग रहे थे.