रांची. विख्यात अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज (Jean Drez) को झारखंड के गढ़वा जिले में गुरुवार को पुलिस ने कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया. प्रशासन का कहना है कि वह बिना अनुमति आयोजित एक जनसभा में हिस्सा ले रहे थे. उन्हें बाद में छोड़ दिया गया. बेल्जियम में पैदा हुए भारतीय अर्थशास्त्री व सामाजिक कार्यकर्ता ज्यां द्रेज व दो अन्य लोगों को गढ़वा में विष्णुपुर बाजार में सार्वजनिक सभा करने के लिए हिरासत में लिया गया. इस घटना को लेकर बाद में द्रेज ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की समझ का दायरा सिकुड़ने का परिणाम है. Also Read - स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द: कमलनाथ बोले- EC ने मुझे कोई नोटिस नहीं दिया, मेरे वकील देखेंगे इस मामले को

पुलिस का कहना है कि लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद बिना अनुमति जनसभा करना, चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. जिस सभा में द्रेज को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था, उसका आयोजन एक सामाजिक संगठन ने किया था. उप विभागीय अधिकारी कमलेश्वर नारायण ने संवाददाताओं से कहा, “आयोजकों ने अनुमति मांगी थी लेकिन उन्होंने मुख्य वक्ता का नाम नहीं दिया था. इस वजह से जिला प्रशासन ने इस जनसभा की अनुमति नहीं दी.” Also Read - Bihar Assembly Election 2020 : तेजस्वी का भाजपा पर निशाना, 'पहले महंगाई इनके लिए 'डायन' थी, अब 'भौजाई' बन गई'

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रिपोर्ट के अनुसार, द्रेज करीब दो घंटे तक पुलिस की हिरासत में रहे. द्रेज ने आयोजन को ‘शांतिपूर्ण और गैरराजनैतिक’ बताते हुए कहा, “लोकतंत्र की समझ का दायरा सिकुड़ रहा है. धीरे-धीरे, हर आजादी पर रोक लगाई जा रही है.” स्थानीय अखबार दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, द्रेज ने कहा कि एक सप्ताह पहले सभा के लिए अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने इनकार कर दिया. यह सरकारी तंत्र की मनमानी है. उन्होंने कहा कि परिस्थितियां ऐसी बन गई है कि अपनी बात को रखना भी आज अलोकतांत्रिक हो गया है. Also Read - यूपी में बीजेपी के लिए अब पहली चुनौती अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी, क्‍या बसपा का ग्राफ गिरेगा?

(इनपुट – एजेंसी)

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