रांची. विख्यात अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज (Jean Drez) को झारखंड के गढ़वा जिले में गुरुवार को पुलिस ने कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया. प्रशासन का कहना है कि वह बिना अनुमति आयोजित एक जनसभा में हिस्सा ले रहे थे. उन्हें बाद में छोड़ दिया गया. बेल्जियम में पैदा हुए भारतीय अर्थशास्त्री व सामाजिक कार्यकर्ता ज्यां द्रेज व दो अन्य लोगों को गढ़वा में विष्णुपुर बाजार में सार्वजनिक सभा करने के लिए हिरासत में लिया गया. इस घटना को लेकर बाद में द्रेज ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की समझ का दायरा सिकुड़ने का परिणाम है.Also Read - Sangeet Som Profile: भाजपा के फायरब्रांड नेता संगीत सोम के बारे में जानें सब कुछ

पुलिस का कहना है कि लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद बिना अनुमति जनसभा करना, चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. जिस सभा में द्रेज को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था, उसका आयोजन एक सामाजिक संगठन ने किया था. उप विभागीय अधिकारी कमलेश्वर नारायण ने संवाददाताओं से कहा, “आयोजकों ने अनुमति मांगी थी लेकिन उन्होंने मुख्य वक्ता का नाम नहीं दिया था. इस वजह से जिला प्रशासन ने इस जनसभा की अनुमति नहीं दी.” Also Read - Keshav Prasad Maurya: अखबार डालने से उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तक, ऐसा है केशव प्रसाद मौर्य का Profile

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रिपोर्ट के अनुसार, द्रेज करीब दो घंटे तक पुलिस की हिरासत में रहे. द्रेज ने आयोजन को ‘शांतिपूर्ण और गैरराजनैतिक’ बताते हुए कहा, “लोकतंत्र की समझ का दायरा सिकुड़ रहा है. धीरे-धीरे, हर आजादी पर रोक लगाई जा रही है.” स्थानीय अखबार दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, द्रेज ने कहा कि एक सप्ताह पहले सभा के लिए अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने इनकार कर दिया. यह सरकारी तंत्र की मनमानी है. उन्होंने कहा कि परिस्थितियां ऐसी बन गई है कि अपनी बात को रखना भी आज अलोकतांत्रिक हो गया है. Also Read - Capt. Amarinder Singh ने चुनाव से पहले कांग्रेस और मुख्यमंत्री पद छोड़कर बनाई नई पार्टी, जानें उनके बारे में सबकुछ

(इनपुट – एजेंसी)

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