भुवनेश्वर. देश के पूर्वी राज्य ओडिशा में डेढ़ दशकों से ज्यादा समय से मुख्यमंत्री पद पर आसीन नवीन पटनायक की राजनीतिक सूझ-बूझ इतनी गहरी तो है ही कि कांग्रेस हो या भाजपा, इतने समय में कोई उनकी कुर्सी के इर्द-गिर्द भी नहीं पहुंच सका है. कुछ साल से पहले तक ओडिशा में नवीन पटनायक को चुनौती देने वाले न तो किसी नेता की राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा होती थी और न ही कांग्रेस पार्टी को लोग उनके मुकाबिल मानते थे. लेकिन वर्ष 2014 में केंद्रीय सत्ता में भाजपा के आने के बाद देशस्तर पर बदली हुई परिस्थितियों में ओडिशा को लेकर भी सियासी विश्लेषक बदलाव की बातें करने लगे. इन विश्लेषकों की बातों को आधार मिला वर्ष 2017 में, जब राज्य में हुए पंचायत चुनाव में अदना सी दिखने वाली पार्टी भाजपा ने कई इलाकों में अपनी ‘धमक’ दिखा दी.

2017 के बाद से ही ओडिशा में भले ही नवीन पटनायक की कुर्सी को कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन देश में यह चर्चाएं चलने लगी कि 2019 के विधानसभा चुनाव में नवीन को चुनौती तो जरूर मिलेगी. पिछले दो-तीन वर्षों में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा से जुड़े अन्य संगठनों की बढ़ती गतिविधियों से खुद पटनायक को भी शायद इसका भान हुआ और कई वर्षों के बाद अपनी सत्ता और छवि बचाने की कवायद उन्होंने शुरू कर दी. इस साल जब लोकसभा और ओडिशा विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की घोषणा हुई, तो उसके बाद बीजू जनता दल के इस अगुवा ने फिर एक बार अपनी पार्टी की हनक बचाए रखने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं. इन कोशिशों में से एक है नवीन पटनायक का राज्य विधानसभा के चुनाव में दो सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला. जी हां, नवीन पटनायक के राजनीतिक जीवनकाल में ऐसा पहली बार होगा, जब वे दो सीटों पर चुनाव लड़ेंगे.

ओडिशा: 18 साल से सीएम की कुर्सी पर काबिज पटनायक को क्या पटखनी दे पाएगी कांग्रेस या बीजेपी?

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ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने सोमवार को राज्य की दो सीटों- बिजेपुर और अपने गृह क्षेत्र हिन्जिली से विधानसभा का चुनाव लड़ने का एलान किया. पटनायक ने सोमवार को बीजद उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की. इसमें लोकसभा की 21 सीटों में से नौ सीटों और विधानसभा की 147 में से 54 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह गंजाम जिले में हिन्जिली और पश्चिम ओडिशा के बारगढ़ जिले में बिजेपुर से चुनाव लड़ेंगे. ओडिशा में लोकसभा की 21 सीटों और 147 विधानसभा सीटों पर चार चरण में 11, 18, 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होगा. हिन्जिली और बिजेपुर में 18 अप्रैल को दूसरे चरण में चुनाव होगा.

बीजू जनता दल प्रमुख ने एक दिन पहले ही संकेत दिया था कि वह पश्चिम ओडिशा की एक सीट से चुनाव लड़ेंगे. पटनायक की यह घोषणा राज्य की सियासत के संदर्भ में इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि भाजपा ने 2017 के पंचायत चुनावों में पश्चिमी ओडिशा में शानदार प्रदर्शन किया था. पटनायक दक्षिण ओडिशा में हिन्जिली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं और 2000 के बाद से लगातार विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नवीन पटनायक आने वाले चुनावों के बाद सिर्फ अपनी दो सीटों पर जीत सुनिश्चित कराते हैं या फिर उनकी पार्टी फिर से राज्य की सत्ता पर काबिज हो पाती है. अगर पटनायक और उनकी पार्टी इस बार भी जीती तो लगातार पांचवीं बार सीएम बनने वाले नवीन पटनायक संभवतः देश के पहले नेता बन जाएंगे.

(इनपुट – एजेंसी)