भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को कहा कि बीजू जनता दल आगामी लोकसभा चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटों पर मैदान में उतारेगा. उन्होंने इस कदम को देश में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक मापदंड करार दिया. पटनायक की घोषणा का यह मतलब है कि बीजद राज्य में लोकसभा की 21 सीटों में से कम से कम सात सीटों पर महिलाओं को टिकट देगा. इस समय ओडिशा से लोकसभा से तीन महिला सांसद हैं.बीजद ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 21 में से 20 सीटों पर जीत हासिल की थी. बता दें कि ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में इस समय 12 महिला विधायक हैं. उन्‍होंने कहा, मैं आज केंद्रपाड़ा में खुश हूं. यहां मैं आगामी लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए टिकट में 33 फीसदी आरक्षण घोषित किया है.

केन्द्रपाड़ा में एक सम्मेलन के दौरान इसकी घोषणा करते हुए बीजू जनता दल के अध्यक्ष ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम देश में महिला सशक्तीकरण की अगुवाई करेगा. उन्होंने कहा, अगर भारत को दुनिया की अगुवाई करनी है, अगर भारत को अमेरिका और चीन जैसे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है और एक उन्नत देश बनना है तो महिला सशक्तीकरण इनका एकमात्र जवाब होगा. हालांकि, उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए इस तरह की कोई घोषणा नहीं की जो आम चुनाव के साथ होने हैं.

राज्य विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर पिछले साल नवंबर में राज्य विधानसभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया था.बीजद सुप्रीमो ने कहा कि उन्होंने इस दिशा में सभी राष्ट्रीय पार्टियों और मुख्यमंत्रियों को एक प्रस्ताव भेजा है. राज्य सरकार ने 2012 में पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था. हालांकि, पटनायक की घोषणा को विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनाव पूर्व की योजना करार दिया.

केंद्रीस मंत्री और भाजपा नेता धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का स्वागत है, लेकिन चुनाव से पहले बीजद की घोषणा कुछ और नहीं बल्कि महिला मतदाताओं का वोट पाने की एक नौटंकी है. इस कदम को महिला मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए एक साधन करार देते हुए कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य विधानसभा और संसद में महिलाओं को अगर 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है तो उनकी पार्टी को समस्या नहीं है लेकिन बीजद वोट पाने के लिए अंतिम प्रयास के तौर पर इसका उपयोग कर रहा है, क्योंकि उसकी लोकप्रियता कम हो गई है. पिछले साल दिसंबर में पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लोकसभा में लंबित महिला आरक्षण विधेयक को पास करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया था.